धर्मप्रचार पर छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस

बिलासपुर | संवाददाता: धर्मप्रचार पर पंचायत की रोक के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. इस मामले में छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है. जिस पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर इस मामले में जवाब पेश करने को कहा है.

गौरतलब है कि बस्तर में तोकापाल के सिरिसगुड़ा समेत कुछ पंचायतों में चंदा को लेकर हुये विवाद के बाद हिंदू धर्म के अलावा किसी भी दूसरे धर्म के प्रचार-प्रसार पर रोक लगा दी गई है. गांव में विश्वहिंदू परिषद के कुछ लोगों ने एक धार्मिक आयोजन के लिये चंदा मांगा था, जिस पर गांव के कुछ ईसाई परिवारों ने विरोध किया. आरोप है कि इसके बाद इन परिवारों को पीडीएस का राशन देने से भी इंकार कर दिया गया था.


बाद में छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत अधिनियम 129 (ग) के तहत विशेष ग्राम सभा बुला कर गांव की कथित सांस्कृतिक एकता और रूढिगत परंपरा को संरक्षित रखने के लिये धारा 7 के तहत चर्चा हुई और बहुमत से फैसला लिया गया कि ग्राम पंचायत में सांस्कृतिक एकता और रूढिगत परंपरा को संरक्षित रखा जाएगा, हिन्दू धर्म के अलावा बाहरी धर्म प्रचार, प्रार्थना सभा, धार्मिक उपदेश प्रतिबंधित होगा, पंचायत की बिना अनुमति के धार्मिक स्थल का निर्माण पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होगा और पंचायत की अनुमति के बिना उक्त कृत्य करने वाला स्वयं दोषी माना जाएगा.

इसकी प्रतिलिपि राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के अलावा विश्वहिंदू परिषद को भी दी गई. जिसके बाद माना गया कि विश्वहिंदू परिषद के हस्तक्षेप के बाद ही पंचायत ने यह निर्णय लिया है. पंचायत के इस निर्णय पर सरकार ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया. इसके बाद मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!