छत्तीसगढ़ में 13 लाख कैरेट हीरा

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ में 13 लाख कैरेट हीरे के भंडार होने की संभावना जताई जा रही है. छत्तीसगढ़ के खनिज विभाग के अनुसार भूगर्भ में चार स्थानों पर हीरे का मदर रॉक है. देश के कुल हीरा भंडार का 28.26 फीसदी हिस्सा छत्तीसगढ़ के भूगर्भ में होने की संभावना है. देश में कुल आठ स्थानों में मातृशिला यानी किम्बर लाइट पाइप अंकित किए गए हैं. इनमें छत्तीसगढ़ के चार स्थानों पर हीरे की मातृशिला की मौजूदगी प्रमाणित हुई है. ये स्थान गरियाबंद, महासमुंद व रायगढ़ जिले में हैं. बस्तर में भी हीरे की खोज जारी है.

छत्तीसगढ़ खनिज विभाग के प्रशासकीय प्रतिवेदन 2014-15 के अनुसार, बहुमूल्य हीरा भी यहां के भूगर्भ में छिपा है. गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में हीरा खनिज की मातृशिला है. बेहराडीह, पायलीखंड, जांगड़ा, कोदोमाली, कोसमबुड़ा एवं बेहराडीह टेम्पल क्षेत्र में हीरा होने की संभावना जताई गई है. बेहराडीह तथा पालयीखंड क्षेत्र में हीरे की मौजूदगी प्रमाणिक भी हो चुकी है.


निजी क्षेत्र में खनिज रियायतों के फलस्वरूप राज्य के महासमुंद एवं रायगढ़ जिले में भी हीरे की मातृशिला की उपस्थिति प्रमाणित की गई है.

खनिज विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में कुल 46 लाख कैरेट हीरा के भंडार होने की संभावना है, वहीं छत्तीसगढ़ में 13 लाख कैरेट हीरा का भंडार होने की संभावना है जो देश के कुल हीरा भंडार का 28.26 प्रतिशत है.

इधर, हाल ही में गोदावरी व महानदी बेसिन के बीच स्थित बस्तर क्षेत्र में हीरा मिलने की संभावना जताई गई है, लेकन नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वहां हीरे की खोज में कठिनाई आ रही है.

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