8 सीटों पर लहराया कांग्रेस का परचम

रायपुर | एजेंसी: बस्तर की 12 में से इस बार भाजपा केवल चार सीटों अंतागढ, बीजापुर, नारायणपुर एवं जगदलपुर पर ही विजय हासिल कर पाई. पिछले चुनाव की तुलना में इस दफा भाजपा को आठ सीटों से हाथ धोना पड़ा. इधर कांग्रेस जो पिछली दफा केवल एक सीट कोंटा पर ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा पाई थी, इस बार बस्तर की जनता ने उसे सिर आंखों पर बिठाते हुए उसकी झोली में आठ सीटें डाल दीं.

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने बस्तर में विशेष फोकस करते हुए अपना सारा ध्यान एवं उर्जा बस्तर पर ही केन्द्रित कर रखा था, लिहाजा बस्तर में तो कांग्रेस ने अपना डंका बजा लिया, किन्तु प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में वह पिछड़ गई.


बस्तर में भाजपा के दिग्गजों में मंत्री लता उसेंडी, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बैदूराम कश्यप समेत सभी विधायाकों को कांग्रेस प्रत्याशियों से चारों खाने चित्त होना पड़ा. बस्तर में सबसे ज्यादा मतों से चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी कांग्रेस के लखेश्वर बघेल थे जिन्होंने 19 हजार मतों से भाजपा को पटकनी दी.

बस्तर विधानसभा चुनाव की 12 सीटों के चुनाव परिणाम में जगदलपुर विधानसभा से भाजपा के संतोष बाफना ने कांग्रेस के सामूराम कश्यप को 16 हजार मतों से, नारायणपुर से मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के चंदन कश्यप को 12 हजार मतों से, अंतागढ से मंत्री विक्रम उसेंडी ने कांग्रेस के मंतूराम पवार को 5 हजार मतों से तथा बीजापुर से भाजपा संसदीय सचिव महेश गागरा कांग्रेस के विक्रम उसेंडी से साढे 9 हजार मतों से चुनाव जीत गए हैं.

इधर कोंटा सीट से कांग्रेस के कवासी लखमा निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाकपा के मनीष कुंजाम से, कांकेर विधानसभा से शंकर धुरवा भाजपा के संजय कोडोपी से 5 हजार मतों से, भानुप्रतापपुर से कांग्रेस के मनोज मंडावी भाजपा के सतीश राठिया से 10 हजार मतों से, दंतेवाड़ा से कांग्रेस की देवती कर्मा भाजपा के पूर्व विधायक भीमा मंडावी से लगभग छह हजार मतों से, बस्तर विधानसभा से कांग्रेस के लखेश्वर बघेल भाजपा के पूर्व विधायक डॉ. सुभाऊराम कश्यप से 1900 मतों से, चित्रकोट से कांग्रेस के दीपक बैज भाजपा प्रत्याशी बैदूराम कश्यप से 12 हजार मतों से, कोंडागांव से कांग्रेस के मोहन मरकाम भाजपा मंत्री लता उसेंडी से 5 हजार मतों से तथा केशकाल से कांग्रेस के संतराम नेताम भाजपा के सेवकराम नेताम को 8 हजार मतों से परास्त कर विजयश्री हासिल कर ली है.

इस दफा भी बस्तर में भाकपा अपना खाता नहीं खोल पायी. चुनाव से पूर्व ऐसी संभावना थी कि कोंटा सीट से भाकपा के मनीष कुंजाम बाजी मार सकते हैं, किंतु सारी अटकलें विपरीत साबित हुयीं.

निर्दलियों को बस्तरवासियों ने धूल चटाते हुए उनका सूपड़ा ही साफ कर दिया. एक भी निर्दलीय को राजधानी पहुंचने का अवसर नहीं दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!