आप के कानून मंत्री गिरफ्तार

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: दिल्ली के कानून मंत्री की गिरफ्तारी पर राजनीति शुरु हो गई है. आम आदमी पार्टी ने कहा है कि मंत्री की गिरफ्तारी केंद्र के इशारे पर हुई है, वहीं केंद्र सरकार ने इस मामले में किसी तरह के हस्तक्षेप से इंकार किया है. दिल्ली सरकार के मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर को पुलिस के गिरफ़्तार करने के बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में केंद्र सरकार आपातकाल जैसे हालात बनाने की कोशिश कर रही है.

सिसोदिया ने दावा किया कि जब उन्होंने सीएनजी घोटाले में जांच के आदेश दिए उसके बाद ही केंद्र सरकार ने आपातकाल जैसी स्थिति बना दी.

तोमर की गिरफ़्तारी पर सिसोदिया ने कहा, ‘कॉलेज के हलफ़नामे में यह साफ़तौर पर कहा गया है कि जितेन्द्र तोमर कॉलेज के छात्र थे और उन्होंने परीक्षा पास की है. यह मसला पहले ही अदालत में है तब आख़िर तोमर को गिरफ़्तार करने की क्या जल्दबाज़ी थी?’

वहीं देश के पूर्व क़ानून मंत्री और कांग्रेस नेता वीरप्पा मोईली ने कहा कि आप ने एक ऐसे आदमी को अपना क़ानून मंत्री बनाया है जिनके गिरफ़्तार होने की प्रबल संभावना थी यह एक शर्मनाक बात है.

क़ानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर ने एक टीवी चैनल सीएनएन आईबीएन से बात करते हुए दावा किया, ”दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारी उनके दफ़्तर आए और कहा कि हमें आपके घर जाना है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि आपको हौज़ ख़ास थाना ले जाया जा रहा है.”

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बी एस बस्सी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह एक बैठक में थे और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है कि दिल्ली के क़ानून मंत्री को क्यों गिरफ़्तार किया गया.
तोमर पर क़ानून की फ़र्जी डिग्री का मामला चल रहा है.

बिहार के भागलपुर स्थित तिलका मांझी विश्वविद्यालय ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफ़नामा देकर कहा था कि जितेंद्र सिंह तोमर ने जो प्रमाणपत्र पेश किया है ‘वो जाली है और विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता.’

हालांकि तोमर ने कहा था कि उनकी लॉ डिग्री 100 प्रतिशत असली है और वे इस्तीफ़ा नहीं देंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *