योगेंद्र, प्रशांत ‘आप’ नहीं छोड़ेंगे

गुड़गांव | समाचार डेस्क: केजरीवाल से नाराज़ चल रहें योगेन्द्र तथा प्रशांत भूपण ने साफ किया है कि वे पार्टी छोड़ने नहीं जा रहें है. उनका उद्देश्य पार्टी में रहकर उसे मजबूत बनाना है. इसके लिये उन्होंने ‘स्वराज संवाद’ की स्थापना की है. आम आदमी पार्टी के असंतुष्ट नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने मंगलवार को कहा कि वे पार्टी छोड़ नहीं रहे हैं और इसके बदले में उन्होंने एक नया गैर राजनीतिक समूह ‘स्वराज अभियान’ का गठन किया है, जो देश भर में घूमेगा और सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक क्षेत्रों में स्वराज स्थापित करेगा.

दोनों नेताओं ने वैकल्पिक राजनीति के वर्तमान और भविष्य पर चर्चा के मकसद से मंगलवार को आयोजित ‘स्वराज संवाद’ बैठक का आयोजन किया, जिसमें चार हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया और खुद को आप से संबंधित बताया.


इस बैठक से हालांकि आप के कई नेता व प्रख्यात हस्तियों ने खुद को दूर रखा. इस बैठक में एडमिरल एल.रामदास, आप के पटियाला से सांसद धर्मवीर गांधी, पार्टी के पूर्व नेता क्रिस्टिना सामी, सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय व मेधा पाटकर शामिल नहीं हुईं. एडमिरल रामदास को हाल ही में पार्टी के आंतरिक लोकपाल पद से हटा दिया गया था.

सूत्रों के मुताबिक, अनुपस्थित होने वाले अधिकांश लोगों ने खराब सेहत या पूर्व व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं का हवाला दिया. वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी नेताओं ने इस बैठक को पार्टी तोड़ने का प्रयास करार दिया.

आप नेता आशुतोष ने यादव व भूषण की बैठक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी दोनों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हम उनकी गतिविधियों पर बारीकी से निगाह बनाए हुए हैं और राजनीतिक मामलों की समिति व राष्ट्रीय परिषद उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी.”

लोगों को संबोधित करते हुए भूषण ने कहा, “हमने सुना है कि हमें पार्टी से निकाल दिया गया है. इसलिए अब हम स्वतंत्रतापूर्वक एक वार्ता का आयोजन नहीं कर सकते? क्या आप इन्हीं सिद्धांतों का पालन करेगी?”

भूषण ने दावा कि दिन भर चली बैठक पूरी तरह सफल रही.

यादव ने भी स्पष्ट किया कि यह वार्ता विद्रोह स्वरूप नहीं थी और जो लोग आंदोलन की उस आत्मा से जुड़े थे, जिसने आप को जन्म दिया था वे अब भी उनके साथ हैं.

यादव ने कहा, “मेरी समझ से हमें बैठक करने से कोई नहीं रोक सकता. आप का संविधान स्वयंसेवकों को इसका अधिकार देता है. स्वराज-संवाद पार्टी विरोधी नहीं हो सकता.”

आप के स्वयंसेवी बैठक में हिस्सा लेने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से यहां पहुंचे.

बैठक से पहले योगेंद्र ने कहा कि यह नई शुरुआत का दिन है और बैठक वैकल्पिक राजनीति पर संवाद के लिए हो रही है.

उन्होंने कहा, “यह बैठक वैकल्पिक राजनीति पर संवाद के लिए है और मुझे भरोसा है कि हम इस बैठक में कुछ नए का गवाह बनेंगे. आप के संविधान ने पार्टी के आम सदस्यों को अभिव्यक्ति की आजादी दी है, जो अन्य पार्टी में नहीं है.”

योगेंद्र ने कहा, “अगर कार्यकर्ता पार्टी संविधान के तहत उन्हें दी गई आजादी का इस्तेमाल करते हैं, तो मुझे भरोसा है कि पार्टी इसका आदर करेगी.”

आप के एक अन्य सदस्य आनंद कुमार ने पार्टी को तोड़ने या इसे छोड़ने की किसी भी आशंका से इंकार किया.

उन्होंने कहा, “न हम पार्टी तोड़ेंगे और न ही इसे छोड़ेंगे. हम इसमें सुधार करेंगे. हम नई पार्टी का गठन नहीं करेंगे.”

एडमिरल रामदास ने एक रिकॉर्डेड संदेश में कहा कि पार्टी में जो कुछ भी हो रहा है, उसे लेकर वह बेहद उदास हैं.

रॉय ने एक संदेश में कहा कि आप एक आंदोलन से निकलकर आई थी, लेकिन अब पार्टी सिद्धांतों से भटक गई है.

पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच दो अलग किस्म के फॉर्म बांटे गए और उनसे वर्तमान तथा भविष्य की राजनीति पर राय मांगी गई.

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