सरकारी नीति का विरोध न करे कर्मचारी

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: केन्द्र सरकार की नीति का विरोध करने पर कार्यवाही होगी. केन्द्र सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी हाल के एक दिशा निर्देश में कहा गया है, “हाल में ऐसा देखा गया है कि कुछ संघों या महासंघों ने सरकार और उसकी नीतियों के प्रतिकूल टिप्पणियां की हैं. सभी संघ या महासंघ यह ध्यान दें कि अगर कोई भी सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना में ही शामिल रहता है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जायेगी.”

इस निर्देश में सेवा नियमों का हवाला दिया गया है जिसके मुताबिक किसी भी सरकारी सेवक पर सरकार की किसी नीति या कार्रवाई की प्रतिकूल आलोचना करने पर प्रतिबंध है.


मौजूदा नियमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन सेवा संघों का प्राथमिक लक्ष्य इसके सदस्यों की आम सेवा हितों को बढ़ावा देना है.

मंत्रालय ने सभी प्रमुख आयुक्तों और संबंधित महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिये कहा है कि सिर्फ मान्य कर्मचारी संघों को उल्लेखित नियमों का लाभ मिले.

गौरतलब है कि हाल ही में वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले विभाग के कुछ संगठनों ने सरकार की नीति की आलोचना की थी.

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