संसद में मिले सम्मान से अभिभूत: आडवाणी

पटना | एजेंसी: भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी संसद में सभी दलों से मिले सम्मान से अभिभूत हैं तथा उन्हें देश का प्रधानमंत्री न बन पाने का कोई दुख नही है. कम से कम पटना में उनके द्वारा कही गई बातों से तो यही झलकता है. उल्लेखनीय है कि बाजपेई मंत्रिमंडल में उप-प्रधानमंत्री बनने पर उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई थी. भाजपा ने 2009 का चुनाव लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में लड़ा था तथा उस वक्त यदि भाजपा जीत पाती तो अवश्य ही लालकृषण आडवाणी देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे.

बहरहाल, उन्हें इस बात का कोई गम नहीं है कि वे प्रधानमंत्री न बन सके. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत पाया है तथा नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने शुक्रवार को यहां कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनने का कोई दुख नहीं है.


उन्होंने अभी नरेन्द्र मोदी सरकार के आकलन को उचित नहीं बताया. पटना में एक निजी विद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे आडवाणी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नहीं बनने का मुझे कोई दुख नहीं है. संसद में सभी राजनीतिक दलों द्वारा जो सम्मान मिला है, इस सम्मान से मैं अभिभूत हूं.”

नरेन्द्र मोदी सरकार के प्रदर्शन के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को शासन संभाले अभी काफी कम समय हुआ है, इस कारण अभी आकलन करना उचित नहीं है. उन्होंने हालांकि कहा कि सरकार ने अभी तक कोई ऐसा काम नहीं किया है जिसे ‘आपत्तिजनक’ कहा जाए.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़े जाने के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा कभी गठबंधन तोड़ने पर विश्वास नहीं करती है.

उन्होंने कहा, “मैं स्वयं व्यक्तिगत रूप से शिवसेना प्रमुख उद्घव ठाकरे से फोन पर बात कर गठबंधन तोड़ने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था परंतु शायद उनको मेरे विचार पसंद नहीं आए.”

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