खुद पर लिखी किताब के विरोध में आडवाणी

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी अपने पूर्व सहायक द्वारा उन पर लिखी किताब का विरोध किया है. आडवाणी द्वारा खुद पर उनके ही 32 साल साथ रहे पूर्व सहायक द्वारा लिकी गई किताब को विरोध किये जाने यह रहस्य और गहरा गया है कि आखिर उस किताब में उनके बारें में क्या लिखा गया है. शुक्रवार को इस किताब का विमोटन भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा किया जाना है.

कयास लगाये जा रहे हैं कि इस किताब के विमोचन के बाद एक नये विवाद की शुरुआत हो सकती है जिसे आडवाणी टालना चाहते हैं.


भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एक किताब ‘आडवाणी के साथ 32 साल’ के विमोचन पर गुरुवार को नाखुशी जताई. आडवाणी ने कहा कि किताब उनकी इच्छा के विरुद्ध प्रकाशित की गई है.

आडवाणी के सचिव दीपक चोपड़ा ने एक बयान में कहा, “हमारे सामने यह बात आई है कि विशंभर श्रीवास्तव द्वारा लिखित और दिल्ली के अनिल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किताब ‘आडवाणी के साथ 32 साल’ का 22 जुलाई को विमोचन किया जा रहा है.”

चोपड़ा ने कहा, “यह ध्यान रखें कि यह किताब लालकृष्ण आडवाणी की सहमति से नहीं लिखी गई है और इसे उनकी मर्जी के बिना प्रकाशित किया गया है.”

किताब के विमोचन के लिए भाजपा नेता और राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी को आमंत्रित किया गया है, जबकि एक अन्य भाजपा सांसद आर.के. सिन्हा को किताब विमोचन समारोह की अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया गया है. इन दिनों भाजपा में लालकृष्ण आडवाणी को किनारे कर दिया गया है.

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