जावा समुद्र में मिला एयरएशिया का मलबा

जकार्ता | एजेंसी: एयरएशिया के लापता विमान का मलबा जावा के समुद्र में देखे जाने की खबर है. इसकी पुष्टि इंडोनेशिया ने की है. इंडोनेशिया से सिंगापुर के लिए उड़ान भरने के बाद रास्ते में लापता हुए एयरएशिया की उड़ान संख्या क्यूजेड 8501 की तलाश में शामिल बचाव दल ने जावा समुद्र में उस स्थान पर विमान का प्रतिबिंब देखा है, जहां विमान का निकास द्वार, कई वस्तुएं तथा छह शव पाए गए हैं, और इस बात की पुष्टि हो गई है कि ये वस्तुएं लापता विमान से संबंधित हैं. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के मुताबिक, इंडोनेशिया की राष्ट्रीय तलाश एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख बामबैंग सुलिस्तयो ने कहा कि हमें 95 फीसदी भरोसा है कि पाया गया मलबा इंडोनेशिया के सुराबाया शहर से उड़ान भरने वाले लापता एयरएशिया विमान का ही है.

एयरबस ए320-200 में 162 यात्री सवार थे.


इंडोनेशिया वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी दवी पुत्रांतो ने कहा कि बोर्नियो द्वीप के मध्य कालीमंतन प्रांत के पंगकलन बन से 190 किलोमीटर दूर ये मलबे पाए गए हैं.

तलाशी अभियान में शामिल एक पायलट ने कहा कि उसने उसी इलाके में शवों तथा मलबों को देखा है.

एयरएशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टोनी फर्नाडिस ने कहा कि क्यूजेड 8501 हादसे का शिकार हुए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना है.

उन्होंने ट्वीट किया, “एयरएशिया की तरफ से मैं संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं कितना दुखी हूं, इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता.”

वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि खोज क्षेत्र में मलबों के 10 टुकड़े तथा सफेद रंग की कई वस्तुएं मिली हैं, जहां एयरबस ए320-200 नियंत्रण कक्ष से संपर्क टूटने से पहले आखिरी बाद देखा गया था.

उन्होंने कहा, “पाई गई वस्तुओं की पुष्टि के लिए एक तलाशी दल को भेजा गया है.”

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इससे पहले लॉन्ग द्वीप में धुआं उठता भी देखा गया था.

इंडोनेशिया के कार्यवाहक परिवहन निदेशक जोको मुर्जात्मोजो ने कहा, “इसकी पुष्टि हो गई है कि सफेद और लाल रंग का जो मलबा मिला है, वह लापता विमान का ही है.”

उल्लेखनीय है कि इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में सुराबाया से सिंगापुर के लिए उड़ान भरने के 42 मिनट बाद ही विमान का संपर्क नियंत्रण कक्ष से टूट गया था. विमान में 162 लोग सवार थे.

जोको ने कहा, “राष्ट्रीय खोज एवं राहत एजेंसी की मदद से बचाव कार्य अब उस स्थान पर केंद्रित होगा, जहां मलबे मिले हैं.”

वहीं, एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि समुद्र के ऊपर गश्त करने वाले इंडोनेशिया के विमान ने सबसे पहले मलबों को ढूंढ़ा.

उन्होंने बताया कि मलबों का स्थान पंगकीन बुन में उस जगह से मिलता है, जिसके बारे में दो मछुआरों ने सूचना दी थी. मछुआरों ने कहा था कि उन्होंने रविवार सुबह विस्फोट होते देखा था और धमाका सुना था.

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