कांग्रेस: रेणु जोगी किनारे, लखमा आगे

रायपुर। डेस्क: कांग्रेस में चुनावी साल में कांग्रेस ने जोगी को निपटाने की रणनीति बना ली है. रेणु जोगी को विधानसभा के उपनेता पद से हटा दिया गया. मतलब जोगी परिवार से होने की सजा दी गई है. दूसरी तरफ महंत को चुनावी कमान सौंपी गई है.

चुनावी वर्ष में छत्तीसगढ़ में फिर से कार्यकारी अध्यक्ष की व्यवस्था लागू कर दी है. इस बार अनुसूचित जाति और जनजाति वोटरों को साधने के लिए दोनों ही वर्ग से एक-एक कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के साथ अनुसूचित जनजाति वर्ग से रामदयाल उइके और अनुसूचित जाति वर्ग से डॉ. शिव डहरिया को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस ने डॉ. रेणु जोगी से विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी वापस लेकर कवासी लखमा को ये पद दे दिया है.


अब केवल बजट सत्र ही बाकी है, अगर अभी पद नहीं भी लेते तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन शायद ये संदेश देने की कोशिश है कि कांग्रेस में जोगी परिवार की नहीं चलेगी. अजीत जोगी के अलग हो जाने के बाद से ही और अलग पार्टी बनाने के बाद रेणु जोगी पर आरोप लगते रहे. ये भी चर्चा रही कि वे कांग्रेस छोड़ सकती है. उनसे ये जिम्मेदारी छिनने का सीधा मतलब ये भी निकाला जा रहा है कि उनसे कोटा की उम्मीदवारी छीन ली जाएगी.

ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है कि कोटा से सीवी रमन यूनिवर्सिटी छोड़कर आए पूर्व कुलसचिव शैलेष पांडेय अचानक वहां काफी सक्रिय हुए और उन्होंने शिक्षा जगत को छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर लिया. ये अनुमान है कि कोटा से उन्हें टिकट दी जा सकती है. बहरहाल आदिवासी विधायक कवासी लखमा को मौका देकर जोगी को एक और झटका देने की कोशिश भी कही जा सकती है, क्योंकि कवासी लखमा अजीत जोगी के काफी करीब माने जाते है.

इन फेरबदल के अतिरिक्त कुछ और फेरबदल भी हुए हैं. इनमें अनुशासन समिति में वरिष्ठ नेता बोधराम कंवर अध्यक्ष बनाए गए हैं. समिति में देवती कर्मा, बदरूद्दीन कुरैशी, रामपुकार सिंह और पीआर खूंटे अध्यक्ष सदस्य बनाए गए हैं. मीडिया विभाग में बड़ा उलटफेर किया गया है. ज्ञानेश शर्मा की जगह फिर से शैलेष नितिन त्रिवेदी को मीडिया विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है. उनके साथ राजेंद्र तिवारी, किरणमयी नायक, आरपी सिंह, राजेश बिस्सा, ज्ञानेश शर्मा, राजेंद्र परिहार और सुरेंद्र शर्मा को शामिल किया गया है.

ऐन चुनाव के समय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. चरणदास महंत को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. चुनाव प्रचार समिति में सभी प्रमुख नेताओं को शामिल करने की कोशिश की गई है. इनमें पीसीसी अध्यक्ष बघेल, नेता प्रतिपक्ष सिंहदेव, रामदयाल उइके, मनोज मंडावी, देवती कर्मा, कवासी लखमा, धनेंद्र साहू, रविंद्र चौबे और मोहम्मद अकबर शामिल हैं.

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