जोगी के कतरे जाएंगे पर

रायपुर | संवाददाता: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बीच फिर रार से कांग्रेस चिंता में है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार अजीत जोगी के पर कतरे जा सकते हैं. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष चरणदास महंत का खेमा भी मान कर चल रहा है कि ताजा विधानसभा चुनाव में भी जोगी अपने तरीके से संगठन और कांग्रेस जनों को चलाने की कोशिश करेंगे और अंततः इसका नुकसान पार्टी को ही झेलना पड़ेगा.

कहा जा रहा है कि जोगी की बयानबाजी से नाराज प्रदेश प्रभारी वी के हरिप्रसाद ने महंत समेत दूसरे नेताओं के साथ मिल कर सोनिया गांधी से शिकायत करने की बात कही है. इधर बयानबाजी के बाद शाम को अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने दिग्विजय सिंह से मुलाकात की और आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत की. बाद में दिग्गी ने कहा कि वे अजीत जोगी से भी मिलना चाहते थे. लेकिन अगली बार के लिये इसे टाल दिया गया.


गुरुवार को दरभा घाटी में मारे गये कांग्रेस नेताओं को श्रद्धांजलि देने के लिये एकत्र हुये कांग्रेसजनों और पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह को अजीत जोगी ने जम कर खरी खोटी सुनाई. कांग्रेस भवन में जब अजीत जोगी ने प्रवेश किया तो दिग्विजय सिंह पहले से ही वहां उपस्थित थे. लेकिन दोनों में कोई दुआ-सलाम नहीं हुआ. इसके बाद जब जोगी को बोलने के लिये आमंत्रित किया गया तो वे भड़कने लगे.

अजीत जोगी ने सबसे पहले यह कहते हुये कांग्रेस के इस आयोजन पर निशाना साधा कि दशगात्र के बाद किसी को श्रद्धांजलि नहीं दी जाती. जोगी रुके नहीं. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में परंपरा है कि दशगात्र तक कोई घोषणा नहीं होती. मतलब ये कि चरणदास महंत की नियुक्ति सही नहीं है.

राघोगढ़ के दिग्विजय सिंह पर सीधा निशाना लगाते हुये अजीत जोगी ने कहा कि कसम खा लो, अपने धर्म, अपने देवी, देवताओं की कि छत्तीसगढ़ को छत्तीसगढ़ के नेता ही जगाएंगे. प्रतापगढ़ हो या फतेहगढ़ या कोई और गढ़ से आने वाले लोग छत्तीसगढ़ को नहीं जगाएंगे, ऐसे लोग यहां राजनीति नहीं करेंगे.

अजीत जोगी ने कहा कि दूसरे का सीना आगे कर लड़ाई नहीं लड़ी जाती, लड़ाई अपना सीना आगे कर लड़ी जाती है. मेरा दोनों पैर खराब है, मैं लड़ने तैयार हूं, आओ मेरे साथ. उन्होंने कहा कि मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं, कांग्रेस ने मुझे सब कुछ दिया है, अब सब लोग तनकर खड़े हो जाओ. अपनी लड़ाई खुद लड़ो, कोई दूसरा तुम्हारी लड़ाई नहीं लड़ेगा. कांग्रेस नेताओं की शहादत को भी न भूलें, सत्ता आने तक अजीत जोगी अब 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. जोगी ने कहा कि शहीदों को श्रद्धांजलि टेलीविजन पर बोलने से नहीं होगी, कांग्रेसजन अपने घरों से निकलें.

जोगी के इस सीधे हमले से तिलमिलाये दिग्विजय सिंह ने बहुत संयतपूर्ण तरीके से भाषण दिया. उन्होंने कहा कि स्व. उदय मुदलियार तमिलनाडु से आए थे. छत्तीसगढ़ की ये खूबी है कि यहां के लोग सबको स्वीकार कर लेते हैं. स्व. मुदलियार ने भी कड़ी मेहनत की, उन पर भी कोई आरोप नहीं था.

उन्होंने कहा कि नंद कुमार पटेल और महेंद्र कर्मा जैसे नेताओं की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक विशाल पार्टी है और इस पार्टी का इतिहास शहादत का रहा है.

दिग्विजय सिंह ने अपना पूरा निशाना भाजपा सरकार पर लगाया. पत्रकारों से बातचीत में भी दिग्विजय सिंह रमन सिंह की सरकार पर जम कर बोले.

उन्होंने कहा कि नक्सलियों की हिट लिस्ट में जिन लोगों के नाम हैं, उन्हें सुरक्षा दी जाए. प्रदेश में दलालों को सुरक्षा दी गई है. भाजपा के राज में तेंदूपत्ते की फिर से ठेकेदारी शुरू हो गई. कांग्रेस के शासनकाल में इमली सोसायटी के जरिए खरीदी गई. आदिवासियों को इमली की कीमत 2 रुपए से बढ़कर 20 रुपए मिली. भाजपा ने इमली के दाम फिर से कम कर दिए. कांग्रेस आदिवासी बेरोजगारों को छोटे ठेके देती थी. भाजपा के राज में बस्तर के जंगलों में फिर से ठेकेदार घुस आए हैं.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने सलवा जुड़ूम को खुली छूट दी गई थी. सलवा जुड़ूम के लोगों ने आदिवासियों के घर जलाए, हत्याएं की और महिलाओं से छेड़छाड़ भी की, इसकी वजह से वहां अपराध बढ़े. भाजपा सरकार ने आदिवासियों को शरणार्थी बना दिया. यह भाजपा सरकार की सबसे बड़ी भूल थी, नक्सलियों को इससे बस्तर में पैठ बनाने का मौका मिल गया.

जोगी शासनकाल की उपलब्धियों का बखान करते हुये दिग्विजय सिंह ने कहा कि अजीत जोगी के शासनकाल में नक्सलियों से निपटने 3 बटालियन तैयार की गई थी. भाजपा सरकार ने उन बटालियनों को ट्रैफिक व्यवस्था में लगा दिया है. जब भी कोई नक्सली घटना होती है, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह नक्सलियों से आर-पार की लड़ाई की बात कहते हैं. पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल ने रमन सरकार के बारे में सब कुछ कह दिया है. डॉ. रमन सिंह का नेतृत्व नक्सल समस्या के निदान के लायक नहीं है. डॉ. रमन सिंह इस समस्या का निदान नहीं कर सकते. उन्हें इसमें भी राजनीतिक फायदा दिखता है.

दिग्विजय ने चुटकी लेते हुये कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भाजपा को 70 से 90 फीसदी तक वोट कैसे मिलते हैं? उन्होंने कहा कि विकास यात्रा में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में हजारों सुरक्षा जवान तैनात किए जाते हैं, लेकिन कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को कोई सुरक्षा नहीं दी जाती. सुकमा से दरभा तक एक भी सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं था. मुख्यमंत्री ने नक्सली हमले में सुरक्षा चूक की बात स्वीकारी है.

श्री सिंह ने कहा कि इस मामले में एक एसपी को निलंबित करने और एक आईजी को हटा देने से कुछ नहीं होगा. सख्ती से कार्यवाही होनी चाहिए. जिस खुफिया अधिकारी ने चूक की, उसे एनआईए के साथ नोडल अफसर बना दिया गया है.

छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री के खिलाफ बोलते हुये दिग्विजय सिंह ने कहा कि कंवर को शर्म नहीं आती. कांग्रेस शहादत पर राजनीति नहीं करती, कांग्रेस के पास शहीदों की फेहरिस्त है. दरभा घाटी की घटना प्रजातंत्र पर बड़ा हमला है. कंवर बेहद हल्की टिप्पणी कर रहे हैं.

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