जोगी की पाती रमन के नाम

रायपुर | संवाददाता: अजीत जोगी ने रमन सिंह को पत्र लिखा है. जिसमें अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से किसानों को राहत देने कुछ सुझाव दिये हैं. अपने पत्र में अजीत जोगी ने अनुरोध किया है कि चूंकि धान की खरीदी 15 नवंबर से होनी है, उसके पहले दिवाली में किसानों को पैसे की आवश्यकता पड़ती है, इसलिये उन्हें सहकारिता के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाये. ताकि वे पैसे के लिये बिचौलियों को धान बेचने के लिये मजबूर न हों. उन्होंने धान खरीदी में आधार कार्ड के लिकेंज पर भी राहत देने को कहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का पत्र


प्रिय डॉ. रमन सिंह जी,

इस वर्ष धान की खरीदी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही है. यद्यपि सभी किसान संस्थाओं व राजनीतिक पार्टियों ने मांग की थी कि यह खरीदी दिवाली के पहले प्रारंभ करनी चाहिए तथापि किन्हीं कारणों से यह परिवर्तन नहीं किया गया है.

सच्चाई यह है कि छोटे एवं मध्यम किसान को दिवाली के पहले त्यौहार मनाने और अन्य कारणों के लिये पैसे की जरूरत होती है. उनके द्वारा लगाई गई हरहुन धान की फसल महामाया, 1010, आईआर 36 इत्यादि लगभग तैयार हो चुकी है और उसकी कटाई भी हो जायेगी. उसके तत्काल बाद किसान उस फसल को कोचियों और बिचैलियों को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होंगे.

मेरा सुझाव है कि अब जबकि 15 नवम्बर से ही धान की खरीदी होगी तो ऐसे गरीब किसान अपनी धान बेचने के लिये मजबूर न हो, ऐसे उपाय करने होंगे. एक सरल उपाय यह हो सकता है कि इन किसानों को सहकारिता के माध्यम से कुछ ऋण स्वीकृत कर दिया जाये जिससे वे त्यौहार मना सके. साथ ही बिचैलियों और कोचियों के शोषण से बच सकें. मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस सुझाव पर विचार कर किसानों के हित में निर्देश भी देंगे.

एक अन्य सुझाव यह भी है कि कई किसानों के आधार कार्ड किन्हीं कारणों से तैयार न होने के कारण 15 अक्टूबर तक अपना पंजीयन नहीं करा पाये हैं. इस विषय में लचीला व्यवहार किया जाना चाहिये और जो किसान रजिस्ट्रेशन से वंचित रह गये हैं उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिये पर्याप्त समय देना चाहिये.

शुभकामनाओं सहित,

भवदीय
अजीत जोगी

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