गुलाम अली ‘गुलाम’ नहीं

नई दिल्ली | मनोरंजन डेस्क: पाकिस्तानी गज़ल गायक के दिल्ली के कार्यक्रम को रद्द किये जाने की चहुं ओर निंदा हो रही है. अमर सिंह ने कहा है कि गुलाण अली को देश की सीमाओं तथा धर्म के बंधन में न बांधे. अमर सिंह को भी होटल प्रबंधन ने गुलाम अली के कार्यक्रम में जाने से रोका था. समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह ने सोमवार को यहां पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली द्वारा फिल्म ‘घर वापसी’ के संगीत लांच कार्यक्रम को रद्द करने की निंदा की. केंद्रीय दिल्ली स्थित होटल के प्रबंधन ने कुछ लोगों के विरोध के बाद इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया. सुहैब इलयासी के निर्देशन में बनी ‘घर वापसी’ में गुलाम अली ने सिर्फ गाना ही नहीं गाया है, बल्कि अभिनय की शुरुआत भी की है.

अमर सिंह ने भी इस फिल्म में एक भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध गजल गायक के साथ जो सलूक किया गया, वह अत्यंत निराशाजनक है.


होटल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बलों की मौजूदगी के बावजूद विरोधियों का एक छोटा सा समूह होटल में घुसकर प्रबंधन को धमकाने में कामयाब रहा और कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए उन तत्वों ने ‘गुलाम अली मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए.

जब अमर सिंह इस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे तो उन्हें होटल के दरवाजे के बाहर ही रोक दिया गया.

मीडिया से बातचीत में अमर सिह ने कहा कि गुलाम अली को अपना हुनर दिखाने से कोई रोक नहीं सकता.

उन्होंने कहा, “आप गुलाम अली को सीमाओं और धर्मो ने नहीं बांध सकते. कोई गुलाम अली की कला को कैसे रोक सकता है? हम इस पूरी घटना की निंदा करते हैं और जो भी हुआ, वह बेहद निराशाजनक है.”

उन्होंने कहा कि गुलाम अली का संगीत सदाबहार है और यह कई पीढ़ियों को जोड़ने में सक्षम है.

वहीं, होटल प्रबंधन से यह पूछे जाने पर कि कार्यक्रम को क्यों रोका गया, उन्होंने कहा, “हम सिर्फ अपना काम कर रहे हैं.”

इससे पहले इस फिल्म से जुड़े एक कार्यक्रम को मुंबई में शिवसेना की धमकी के बाद रद्द कर दिया गया था.

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