कैंसर की सजा तंबाखू कंपनी को

वाशिंगटन | एजेंसी: अमरीका की एक अदालत ने तंबाखू के कारण कैंसर से हुई मौत का मुआवजा कंपनी पर ठोंक दिया है. यदि ऐसा ही हमारे देश में हो तो निश्चित तौर पर तंबाखू के प्रचार-प्रसार में खर्च करने वाली कंपनियां इससे बाज आयेंगी. सबसे ज्यादा जरूरत है कि नई पीढ़ी तंबाखू से दूर रखा जाये. अमरीकी अदालत का निर्णय बेशक इस दिशा में एक अच्छा कदम है.

अमरीका की एक अदालत ने देश की दूसरी सबसे बड़ी तंबाकू उत्पाद कंपनी के विरुद्ध दाखिल किए गए एक मामले में एक कैंसर पीड़ित की विधवा को 23.6 अरब डॉलर का मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया. यह जानकारी रविवार को मीडिया की खबरों से मिली.

सीएनएन के मुताबिक सिंथिया रोबिंसन ने 2008 में फ्लोरिडा की एक अदालत में तंबाकू कंपनी आर.जे. रीनॉल्ड्स टोबैको कंपनी के विरुद्ध मुकदमा किया था. उन्होंने 1996 में अपने पति की मौत की एवज में मुआवजे की मांग की थी. उन्होंने कंपनी पर आरोप लगाया कि धूम्रपान से उनके पति माइकल की मौत हो गई थी और तंबाकू कंपनी उन्हें यह बता पाने में नाकाम रहा था कि धूम्रपान से फेफड़े का कैंसर हो सकता है.

ब्रिटिश समाचार पत्र इंडिपेंडेंट के मुताबिक किसी क्लास एक्शन मुकदमे में किसी व्यक्ति को दिया जाने वाला यह सबसे बड़ा मुआवजा है.

अदालत में सुनवाई चार सप्ताह चली और न्यायाधीशों ने इस पर 15 घंटे तक मनन किया.

समाचार पत्र के मुताबिक रोबिंसन के वकील ने कहा, “न्यायाधीश यह संदेश देना चाहते थे कि तंबाकू कंपनी अमरीकी नागरिकों और सरकार को अपने सिगरेटों से नशे की लत पकड़ने की संभावना और उनमें मौजूद जहरीले रसायन के बारे में झूठ बोलना जारी नहीं रख सकती है.”

तंबाकू कंपनी इस आदेश के विरुद्ध याचिका दाखिल करना चाहती है.

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