भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मान: शाह

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अमित शाह को अध्यक्ष बनाने के फैसले पर मुहर लगा दी है. इसी के साथ अमित शाह का नाम भाजपा में अटल, आडवाणी, नितिन गडकरी तथा राजनाथ सिंह के श्रेणी में शामिल हो गया है. गुजरात से अपना राजनीतिक सफर शुरु करने वाले अमित शाह ने आखिरकार पार्टी के सर्वोच्य पद को हासिल कर ही लिया. इसके लिये उन्होंने गुजरात के बाद उत्तरप्रदेश में कड़ी मेहनत की थी. अमित शाह के मेहनत तथा प्रबंधन क्षमता के बल पर ही भाजपा को उत्तरप्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों में से 71 पर सफलता मिली.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को उन्हें दी गई जिम्मेदारी को पार्टी के ‘करोड़ों कार्यकताओं का सम्मान’ करार देते हुए कहा कि वह आगे पार्टी को ‘मजबूत बनाने’ का काम करेंगे. शाह ने कहा, “पार्टी नेतृत्व का मुझमें भरोसा जताने और यहां मौजूद नेताओं का राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरा अनुमोदन करने के लिए आभार व्यक्त करता हूं. मैं आगे भाजपा को मजबूत बनाने का काम करूंगा.”


उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, राजनाथ और नितिन गडकरी को आम कार्यकर्ता से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का अवसर मिला, जो अवसर किसी अन्य पार्टी में उत्कृष्ट घराने के लोगों मिलता है या फिर आकस्मिक अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है.

कार्यकर्ता की इच्छा कुछ पाने की अपेक्षा नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत बनाने और उसके माध्यम से देश का कल्याण करने की होती है. शाह ने चुनाव में मिली जीत का श्रेय मोदी राजनाथ की जोड़ी को दिया.

उन्होंने कहा, “मोदी-राजनाथ की जोड़ी ने चुनाव का नेतृत्व किया. मोदी को भाजपा के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार और राजनाथ सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया और इनकी जोड़ी ने कई पड़ाव पार करते हुए भाजपा को यश दिलाया.”

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ही इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार थे. उनके नेतृत्व में इस बार के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक सफलता हासिल की. राजनाथ ने ये बातें भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कही. दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में इस बैठक का आयोजन भाजपा के नए अध्यक्ष के रूप में अमित शाह की नियुक्ति को अनुमोदित करने के लिए किया गया है. उन्हें नौ जुलाई राजनाथ के स्थान पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. लोकसभा चुनाव के बाद यह पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की पहली बैठक है.

शाह की प्रशंसा करते हुए राजनाथ ने कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था और उनके नेतृत्व में पार्टी ने प्रदेश की 80 में से 71 सीटों पर ऐतिहासिक जीत हासिल की.”

उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष अमित शाह को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा, “मुझे तीन बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का अवसर मिला और मेरे जैसे साधारण कार्यकर्ता के लिए यह गौरव का विषय है. मैं अपने कार्यकाल से संतुष्ट हूं और अपना दायित्व अमित शाह पर छोड़ रहा हूं.”

राजनाथ ने लोकसभा चुनाव में जीत का श्रेय एक बार फिर कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को दिया. भाजपा को विचारधारा और कैडर आधारित देश की एकमात्र जिंदा पार्टी करार देते हुए उन्होंने कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि इसके पास न तो विचारधार है और न ही कैडर.

अमित शाह के भाजपा अध्यक्ष पद पर आसीन होने पर राष्ट्रीय परिषद की मुहर के बाद से माना जा रहा है कि अमित शाह इसी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति बनाने में जु़ट जायेंगे. जिस तरह से देश की जनता को प्रधानमंत्री मोदी से काफी उम्मीदें हैं ठीक वैसे ही पार्टी के कार्यकर्ता अमित शाह से आस लगाये बैठे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!