अमिताभ की सफाई कितनी विश्वसनीय?

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: महानायक अमिताभ बच्चन को पनामा पेपर्स के खुलासे के बाद ‘बोफोर्स’ के समान विकट परिस्थिति से गुजरना पड़ रहा है. उन्होंने सफाई दी है कि उऩके नाम का संभवतः दुरुपयोग किया गया है. जिसका तात्पर्य है कि अमिताभ दावे के साथ अपनी बात नहीं रख पा रहें हैं. उन्होंने इस मुद्दे पर प्रेस से भी दूरी बनाकर रखी है. आज की तारीख में अमिताभ बॉलीवुड ही नहीं देश के सबसे बड़े ब्रांड के तौर पर जाने पहचाने जाते हैं. ऐसे में पनामा पेपर्स द्वारा उन पर लगाये गये आरोप से उनकी छवि के धूमिल होने का खतरा है. जिसका सीधा असर ब्रांड अमिताभ पर पड़ना लाजमी है.

अमिताभ लाख सफाई दे पर इससे पनामा पेपर्स की विश्वसनीयता कम नहीं होती है. अमिताभ पर तब तक उंगूली उठती रहेगी जब तक वे भारतीय एजेंसियों की जांच से पाक साफ होकर न निकले.


जाहिर है कि अमिताभ को एक और ‘अग्निपरीक्षा’ से गुजरना पड़ेगा वह भी उम्र के इस मुकाम पर.

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने मंगलवार को विदेश की किसी ऐसी जहाजरानी कंपनी के साथ अपने संबंधों से इंकार किया है, जिसका नाम पनामा पेपर के खुलासे में आया है, और अमिताभ को उस कंपनी का निदेशक बताया गया है. अमिताभ ने एक बयान में कहा, “मैं इंडियन एक्सप्रेस द्वारा बताई गई किसी ‘सी बल्क शिपिंग कंपनी लिमिटेड, लेडी शिपिंग लिमिटेड, ट्रेजर शिपिंग लिमिटेड और ट्रंप शिपिंग लिमिटेड’ कंपनी को नहीं जानता हूं.”

उन्होंने कहा, “मैं कभी इन कंपनियों का निदेशक नहीं रहा हूं. संभव है कि मेरे नाम का दुरुपयोग हुआ है.”

अमिताभ ने कहा, “मैं अपने सभी करों का भुगतान करता हूं, जिसमें विदेश में किए गए खर्च पर लगने वाले कर भी शामिल हैं. जो धनराशि मैंने बाहर भेजी है, उनमें कानून का पालन किया है. इसमें देश में कर भुगतान करने के बाद एलआरएस द्वारा भेजी गई राशि भी शामिल है.”

उन्होंने कहा, “इस सबके बाद भी इंडियन एक्सप्रेस की रपट में मेरे ऊपर किसी अवैध गतिविधि में शामिल होने का आरोप नहीं लगाया गया है.”

अंतर्राष्ट्रीय खोजी पत्रकारिता संघ की तहकीकात पर आधारित और दुनियाभर के 100 से अधिक समाचार माध्यमों द्वारा प्रकाशित ‘पनामा पेपर’ रपट में भारत के 500 लोगों के विदेशों में संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.

इस सूची में अमिताभ और उनकी स्टार बहू ऐश्वर्य राय बच्चन का भी नाम है. देश में इंडियन एक्सप्रेस समाचार समूह की अपनी अलग विश्वसनीयता है. ऐसे में अमिताभ बच्चन को आने वालें दिनों में लगातार सफाई देते रहना पड़ सकता है. अभी पनामा पेपर्स से दुनियाभर में हड़कंप मचा हुआ है. इसलिये अमिताभ की सफाई पर जिनका नाम पूर्व में ‘बोफोर्स कांड’ में आ चुका है तथा जिसके चलते उन्होंने राजनीति तथा गांधी परिवार से तौबा कर ली है, पर लोग कितना यकीन करेंगे यह लाख टके का सवाल है.

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