अमिताभ कैसे बने बॉलीवुड के ‘डॉन’?

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: 1974 के ‘बेनाम’ अमिताभ 1978 आते-आते बॉलीवुड के ‘डॉन’ बन चुके थे. अमिताभ ने अपनी शुरुआती समय में बॉलीवुड में बड़े ‘आनंद’ के साथ ‘त्रिशूल’ उठाकर ‘गंगा की सौगंध’ खाई थी तथा ‘कसमे-वादे’ भी निभाये थे. अमिताभ को बॉलीवुड का ‘बेमिसाल’ ‘भूतनाथ’, ‘द ग्रेट गैम्बलर’, ‘सौदागर’ तथा न जाने क्या-क्या कहा जाता है परन्तु किसी ने भी उन्हें ‘नमक हराम’ की पदवी नहीं दी. अमिताभ ने तो बॉलीवुड में ‘जंजीर’ तोड़कर ‘दीवार’ फांदकर ‘शोले’ भी बरसाये परन्तु उनके ‘डॉन’ के रोल ने उन्हें वाकई में बॉलीवुड का ‘डॉन’ बना दिया. उसके बाद से अमिताभ ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा है. बॉलीवुड के ‘शहंशाह’ अमिताभ बच्चन की यादगार फिल्म ‘डॉन’ की रिलीज को मंगलवार को 37 साल पूरे हो गए. अमिताभ को खुशी है कि फिल्म का ‘असाधारण’ सफर अब भी जारी है. चंद्रा बारोत निर्देशित रोमांच-मारधाड़ से भरपूर ‘डॉन’ हिंदी सिनेमा की सर्वाधिक यादगार फिल्मों में से एक मानी जाती है. इसकी कहानी रसूखदार डॉन अमिताभ के इर्दगिर्द घूमती है, जिसमें महानायक दोहरी भूमिका में हैं.

अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, “डॉन’ मंगलवार 37 साल की हो गई. विनम्र सिनेमेटोग्राफर नरिमन ईरानी द्वारा बनाई गई एक फिल्म.”

‘डॉन’ के इस सफर को लेकर अमिताभ भावविभोर हो गए. उन्होंने अपनी यह खुशी ट्विटर पर अपने प्रशंसकों व शुभचिंतकों से बयां की.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “आज ‘डॉन’ के 37 साल पूरे हो गए. असाधारण. एक सफर जो अब भी जारी है.”

बिग बी ने फिल्म के मशहूर गाने ‘खईके पान बनारस वाला’ गीत से जुड़ी यादें भी ताजा कीं. उन्होंने बताया कि यह महबूब स्टूडियो में दूसरी शिफ्ट अपराह्न् दो से रात 10 बजे फिल्माया गया था.

अमिताभ ने लिखा, “एक्शन दृश्य के दौरान मैंने पांव में चोट लगवा ली थी. मेरे तलवे में बड़ा सा छाला पड़ गया था. जूते नहीं पहन सकता था. चल नहीं सकता था. गाना मुझ पर नंगे पांव फिल्माया जाना था, इसलिए मैंने प्रत्येक शॉट से पूर्व दर्द निवारक दवा खाई और गाना व दृश्य पूरे किए.”

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