अन्ना हजारे फिर करेंगे अनशन

मुंबई | डेस्क: समाजसेवी अन्ना हजारे 2 अक्टूबर से मोदी सरकार के खिलाफ अनशन शुरु करने वाले हैं. पिछली बार लोकसभा चुनाव से पहले लोकपाल मामले को लेकर देश भर में युवाओं को जागृत करने वाले अन्ना हजारे को फिर से सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की सुझी है.

अन्ना हजारे ने इस आंदोलन के सहारे मांग की है कि किसानों को लाभ के लिये स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं. इसके अलावा किसानों को उनके उत्पादन का मिले डेढ़ गुना भाव दिया जाये. अन्ना ने बुजुर्ग किसानों के लिए पेंशन योजना लागू करने की मांग की है. साथ ही राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति तथा चुनाव प्रक्रिया सुधारने के लिये भी कहा गया है.


पिछली बार के आंदोलन से इतर इस बार का आंदोलन अन्ना हजारे दिल्ली के बजाये अपने गांव रालेगण सिद्धि में ही करने वाले हैं. अन्ना ने अपने समर्थकों से कहा है कि जो इस आंदोलन में शामिल होना चाहते हैं, वह रालेगण सिद्धि ना आकर अपने अपने गांव, जिला, तहसील मुख्यालय पर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करें.

अन्ना हजारे ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. अन्ना ने पत्र में कहा है कि पिछली बार जब 23 मार्च को रामलीला मैदान में वह अनशन पर बैठे थे उस समय सरकार ने उन्हें जो लिखित आश्वासन दिए थे, आज तक उन आश्वासनों को पूरा नहीं किया गया. इसी तरह सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से जो वादे किए थे, वे भी आज तक पूरे नहीं किए गए. सरकार ने कहा था सत्ता में आते ही और लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति करेगी. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करेगी, लेकिन सत्ता मोदी और भाजपा को सत्ता में आए 4 वर्ष गुजर चुके हैं और सरकार अपने वादों को पूरा करने में फेल रही है.

समाजसेवी अन्ना हजारे ने पत्र में कहा है कि लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति देश में भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकती है, लेकिन सरकार यह काम नहीं करना चाहती. इसी तरह देश में किसानों को आत्महत्या रोकने के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाना जरूरी है, लेकिन सरकार यह भी नहीं करना चाहती.

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