अन्ना की 10 दिसंबर से भूख हड़ताल

रालेगन सिद्धि | समाचार डेस्क: जनलोकपाल बिल की मांग को लेकर अन्ना हजारे 10 दिसंबर से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर जा रहे हैं. अन्ना इस बार हड़ताल रालेगन सिद्धि के मंदिर में ही करेंगे. अन्ना हजारे ने कहा है कि राष्ट्र परिणाम चाहता है, कारण नही जानना चाहता है, इसी कारण मैं फिर से भूख हड़ताल करने जा रहा हूं. ज्ञात्वय रहे कि 5 दिसंबर से संसद का शीतकालीन अधिवेशन शुरु होने जा रहा है.

गौर तलब है कि केन्द्र सरकार ने देशव्यापी जनलोकपाल के लिये चल रहे आंदोलन के दबाव में इसे लोकसभा में पास कर दिया था लेकिन इस जनलोकपाल को राज्य सभा की मंजूरी अभी तक नही मिल पाई है. अन्ना हजारे ने केन्द्र पर आरोप लगाया है कि लोकसभा में जो बिल पास किया गया है वह पूरी तरह से जनलोकपाल मसौदे के अनुरूप नही है.

अन्ना ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस बाबत पत्र भी लिखा है जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून बनाने में विफल होने का आरोप लगाया गया है. अन्ना के पत्र के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री नारायण स्वामी ने उन्हें पत्र के माध्यम से बताया है कि अभी तक जनलोकपाल कानून के लिये क्या-क्या कदम सरकार ने उठाये हैं. संसदीय कार्यमंत्री का पत्र पाने के बाद अन्ना हजारे ने कहा है कि पिछले करीब दो वर्षो से पत्राचार हो रहा है लेकिन इससे कोई परिणाम नही निकला है. उन्होंने कहा है कि देश परिणाम चाहता है इसलिये मैं फिर से भूख हड़ताल करने जा रहा हूं.

गौर तलब है कि नवंबर 2011 में लोकसभा ने जनलोकपाल बिल को पास कर दिया था परन्तु अभी भी इसे राज्य सभा की मंजूरी नही मिल पाई है. अगस्त 2011 में अन्ना हजारे का जनलेकपाल को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन अपने ऊफान पर था. उस वक्त भारतीय संसद को भी इस पर एक प्रस्ताव लेना पड़ा था. लेकिन समय के साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना का आंदेलन फीका पड़ता गया.

टीम अन्ना में भी बिखराव आया है. उस वक्त अन्ना हजारे के प्रमुख सहयोगी रहे अरविंद केजरीवाल ने अपनी राजनीतिक पार्टी आप बना ली है. वर्तमान में अरविंद केजरीवाल की आप पार्टी ही भ्रष्टाचार के आरोप पर सफाई देती फिर रही है. बहरहाल अन्ना हजारे के भूख हड़ताल से एक बार फिर से जनलोकपाल की मांग जोर पकड़ने जा रही है.

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