कलाम सुपुर्द-ए-खाक

रामेश्वरम | समाचार डेस्क: अब्दुल कलाम को यहां गुरुवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. उनकी अंतिम यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई अन्य गण्यमान्य नेता शरीक हुए. तिरंगे में लिपटा कलाम का पार्थिव शरीर फूलों से सजी विशेष बग्घी में सेना की तीनों शाखाओं की अगुवाई में अंत्येष्टि स्थल पेई करुं बु लाया गया. उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग एक झलक पाने के लिए इमारतों पर चढ़े हुए थे.

सशस्त्र बलों के पूर्व सर्वोच्च कमांडर कलाम को बंदूकों की सलामी दी गई और सेना के बैंड ने ‘लास्ट पोस्ट’ धुन बजाई.


कलाम का शव कब्र में रखे जाने के बाद नमाज अदा की गई और उसके बाद कब्र पर मिट्टी डाली गई तथा उस पर फूल चढ़ाए गए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह यहां पहुंचे और उन्होंने कलाम को भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

उनके अलावा तमिलनाडु के राज्यपाल के. रोसैया, केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू, मनोहर पर्रिकर और पॉन राधाकृष्णन, तमिलनाडु सरकार के मंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम, नाथम आर. विश्वनाथन और अन्य ने भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी.

इस मौके पर केरल के राज्यपाल पी. सतशिवम, केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी के अलावा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य दलों के नेताओं ने भी कलाम को श्रद्धांजलि दी.

इससे पूर्व उनके पार्थिव शरीर को नमाज-ए-जनाजा के लिए उनके पारिवारिक मस्जिद ले जाया गया. उनके परिजन भी वहां पहुंचे.

‘मिसाइल मैन’ के भाई के पोते ए.पी.जे.एम.के. शेख सलीम ने आईएएनएस को बताया, “हमारे भी सभी रिश्तेदार अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंच गए हैं.”

तमिलनाडु सरकार ने कलाम के सम्मान में गुरुवार को राज्य के बैंकों, जीवन बीमा कंपनियों, स्कूलों और कॉलजों में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है. सरकार ने राज्य में शराब की दुकानों और बार बंद रखने का निर्देश दिया है.

कलाम के सम्मान में यहां करीब 30,000 आभूषण की दुकानें भी बंद रहेंगी और पेट्रोल पंपों पर सुबह 10-11 बजे के बीच ही ईंधन मिलेंगे. सिनेमाघर मालिकों ने भी बंद का निर्णय लिया है. मछुआरों ने भी गुरुवार को समुद्र में नहीं उतने का फैसला किया है.

निजी क्षेत्रों ने बंद का फैसला स्वत: लिया है, जिससे स्पष्ट है कि कलाम वास्तव में ‘जनता के राष्ट्रपति’ थे.

द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम जैसे राजनीतिक दलों ने भी अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.

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