अरपा में बही करोड़ों की परियोजना

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: अरपा नदी में चार करोड़ की लागत से बना एनीकट का दायां तटबंध सपोर्टिग वाल सहित बह गया है.

निम्न गुणवत्ता की वजह से घटना हुई या फिर रेत माफियाओं की करतूत है इसका खुलासा तो जांच के बाद ही होगा. फिलहाल तो करोड़ों खर्च कर बनाए गए एनीकट में बूंद भर पानी भी जमा नही हो पा रहा है.


जल संसाधन संभाग कोटा के द्वारा वित्तीय वर्ष 2011-12 में अरपा नदी पर ग्राम पंचायत भैसाझार के निकट एनीकट का निर्माण कराया गया है. एनीकट की लागत चार करोड़ बताई गई है. इस वर्श हुई मानसूनी बारिश में अरपा नदी पर आई बाढ़ में एनीकट का दायी ओर का तटबंध सर्पोटिंग वाल सहित बह गया. एनीकट का मुख्य हिस्सा अब भी सुरक्षित खड़ा है.

अरपा का पानी रोककर जल संवर्धन व किसानों की सिचाई सुविधाएं बढ़ाने के मकसद से बनाएं गए एनीकट में अब बूंद भर पानी भी जमा नही हो पा रहा है.

एनीकट के आसपास नदी में रेत माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन कराया जा रहा है. एनीकट के तटबंध के बह जाने की प्रमुख वजह बडे पैमाने पर हुए अवैध उत्खनन को भी माना जा रही है. सत्ता की सह और रसूख के बल पर चल रहे रेत के काले कारोबार पर जिला प्रशासन भी पूरी तरह बंदिषें लगानें में नाकाम है.

बीते दिनों कोटा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजेन्द्र गुप्ता ने अवैध रेत परिवहन करते ट्रेक्टर चालकों को पकड़कर कार्रवाई के लिए कोटा थाना के सुपुर्द किया था. इस कार्रवाई का क्या और कितना असर रेत माफियाओं के उपर पड़ा इसका खुलाया नदी में ही देखने को मिल रहा है. यहां रोज बड़े पैमाने पर एनीकट के किनारे भारी वाहन रेत का अवैध परिवहन करतें मिल जाएंगे.

बीते साल जोगीपुर के कुछ युवकों को खनिज विभाग ने रेत की अवैध रूप से रायल्टी वसूलते पकड़ा था. युवकों से वसूली संबंधी एक रजिस्टर भी जब्त की गई थी. इस पर भी किसी प्रकार की कार्रवाई नही हुई. रेत के खेल का हिस्सा तो सरपंच से लेकर प्रशासन के आला अधिकारियों तक तो पहुंच रहा.

गरीब किसानों के हिस्से की खुशहाली तो इस एनीकट में रूकने वाली पानी से रिस-रिस कर पहुंचती. पर इनके हिस्से की खुशहाली और हरियाली तो एनीकट के तटबंध व सपोर्टिंग वाल के अरपा में बह जाने के साथ ही बह गई. आखिर डाका तो गरीबों के हिस्से की खुशहाली पर ही पड़ा.

मामले पर कोटा जल संसाधन संभाग के कार्यपालन यंत्री आर एस नायडू का कहना है कि मैने अभी अभी ही कार्य भार संभाला है. मै मौके पर जाकर देखने के बाद ही कुछ कह पाउंगा. वही तात्कालीन ईई व्ही के श्रीवास्तव से मोबाईल चर्चा की तो उन्होने बैठक में होने की बात कहते हुए बाद में बात करने की बात कही.

मामले पर खनिज निरीक्षक श्री भट्ठी का कहना है कि समय समय पर कार्रवाई होती है. कुछ दिन पहले चार वाहनों पर कार्रवाई की थी जो अभी छूटे नही है.कार्रवाई करने का हमारा भर ठेका नही है. वन और राजस्व विभाग क्यो कार्रवाई नही करते.

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