केजरीवाल के नये वादे

नई दिल्ली | एजेंसी: दिल्ली विधानसभा के आसन्न चुनाव को देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने युवाओं पर डोरे डालने शुरु कर दिया हैं. इसके लिये उन्होंने युवाओम को नौकरी, नय कृलेज तथा स्टेडियम का वादा किया है. इसके अलावा युवाओं को शिक्षा के लिये कर्ज देने की बात भी कही है. जाहिर है कि लोकसभा चुनाव में मोदी को युवाओं से मिले समर्थन के तर्ज पर केजरीवाल अपने चुनावी वादे कर रहें हैं. उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी का दिल्ली संवाद अभियान शुरू किया. उन्होंने राजधानी के युवाओं को लुभाने के लिए 800,000 रोजगार पैदा करने, व्यवसायिक प्रशिक्षण देने, स्टेडियम बनवाने, नए कॉलेज बनवाने और पूरे शहर में वाईफाई सुविधा देने का वादा किया. दिल्ली में इसी महीने की शुरुआत में विधानसभा भंग कर दी गई थी, अब चुनाव होने हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव अगले साल की शुरुआत में होंगे.

राजधानी में जंतर-मंतर पर लगभग 5,000 लोगों की एक सभा को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी को सत्ता तक पहुंचाती है तो उनकी सरकार अगले पांच सालों में आठ लाख रोजगार पैदा करेगी और 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करेगी.

आप संयोजक ने साथ ही वादा किया कि वह शहर में स्टेडियम बनवाकर खेल में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करेंगे.

उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली के एक गांव में गया था जहां पर कोई स्टेडियम नहीं था. गांव वालों ने कहा कि उनके पास जमीन है पर कोई स्टेडियम नहीं है. मैंने उनसे जमीन उपलब्ध कराने को कहा ताकि हम वहां पर स्टेडियम बनवा सकें.”

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के खेल मैदानों को उभरते हुए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए खोला जाएगा.

केजरीवाल ने दिल्ली के स्कूलों से पास होने वाले छात्रों को स्नातक और समकक्ष डिप्लोमा करने के लिए कर्ज देने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को कर्ज देने से मना नहीं किया जाएगा.

आप नेता ने राजधानी के बाहरी इलाकों में गांवों की साझेदारी के साथ 20 नए कॉलेज खोलने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि वह दिल्ली को नशा मुक्त शहर भी बनाएंगे.

केजरीवाल ने कहा, “जो भी वादे हमने सत्ता में आने से पहले किए थे, उन्हें 49 दिनों की सरकार में पूरा किया. और जो भी वादे हम आज कर रहे हैं उन्हें भी पूरा करेंगे.”

दो साल पुरानी आम आदमी पार्टी ने पिछले साल दिसंबर में आठ कांग्रेसी विधायकों के समर्थन से सरकार बनाकर देश को चौंका दिया था. केजरीवाल ने विधानसभा में जन लोकपाल विधेयक पेश न कर पाने के कारण इस्तीफा दे दिया था. अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप तथा सभी पार्टियों द्वारा दिल्ली में सरकार बनाने में असमर्थता जाहिर करने के बाद दिल्ली विधानसभा के चुनाव आने वाले महीनों में घोषित हो सकते हैं. इसीलिये, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने अभी से अप्रत्यक्ष तौर पर अपना चुनावी प्रचार आरंभ कर दिया है.

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