आसाराम की जमानत पर सुनवाई आज

जोधपुर | संवाददाता: यौन शोषण के आरोपी आसाराम की जमानत पर मंगलवार को सुनवाई होगी. माना जा रहा है कि उनके खिलाफ जिस तरह के अपराध हैं, उसको देखते हुये उन्हें जमानत पर रिहा करने की संभावना कम ही है. हालांकि आसाराम के पास यह विकल्प भी बचा रहेगा कि वे उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकें.

इससे पहले आसाराम को राजस्थान के जोधपुर शहर की एक अदालत ने सोमवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. आसाराम को अदालत से जोधपुर केंद्रीय कारागार ले जाया गया जहां उन्हें हिरासत के दौरान जेल में उपयोग के लिए एक चटाई, एक कंबल और एक मग दी गई. इस बीच जेल के बाहर आसाराम के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.


आसाराम को जब जेल में ले जाया जा रहा था, तो जेल के बाहर उनके 400 के लगभग समर्थक इकट्ठे होकर नारेबाजी करने लगे. आसाराम के समर्थकों का यह प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो उठा तथा पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठी चलानी पड़ी. आसाराम के लगभग 125 समर्थकों को हिरासत में भी ले लिया गया है.

जेल के एक अधिकारी ने बताया, “वह ठीक हैं, तथा उन्हें आम कैदियों की तरह ही रखा गया है.” जेल में आसाराम का चिकित्सीय परीक्षण करवाया गया.

जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश मनोज व्यास ने कड़ी सुरक्षा के बीच आसाराम को 15 सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. आसाराम के एक वकील प्रदीप चौधरी ने बताया, “इसी अदालत में हमने जमानत की एक याचिका दायर की है. उसकी सुनवाई मंगलवार को होगी.”

यौन उत्पीड़न की यह घटना कथित तौर पर 15 अगस्त को जोधपुर शहर के बाहरी इलाके में स्थित आसाराम के आश्रम में हुई थी. आसाराम के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. यौन हमले की शिकार लड़की ने 20 अगस्त को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आसाराम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक छात्रावास में रहकर वहीं स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ने वाली नाबालिग के अनुसार, आसाराम ने झाड़फूंक के बहाने उसके साथ यौन दुराचार किया.

आसाराम को शनिवार आधी रात मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में स्थित उनके आश्रम से गिरफ्तार किया गया तथा रविवार अपराह्न उन्हें विमान से जोधपुर लाया गया. जोधपुर में उन्हें एक अदालत में पेश किया गया. अदालत ने आसाराम को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था.

सोमवार को आसाराम को कड़ी सुरक्षा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में लाया गया, जहां सुनवाई के बाद उन्हें जोधपुर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया.

हालांकि आसाराम ने नाबालिग द्वारा अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है तथा आसाराम के बेटे ने दावा किया है कि आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की मानसिक तौर पर अस्वस्थ है.

1972 में गुजरात के साबरमती नदी के किनारे पहला आश्रम बनाने वाले आसाराम के आज देशभर में 425 आश्रम बताए जाते हैं. इसके अलावा 1,400 से आधिक समितियां एवं 50 के लगभग गुरुकुल भी हैं.

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