आसाराम: अब बस्तर बाला का अपहरण

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित आसाराम के सत्संग में परिवार के साथ बस्तर से आई 17 वर्षीय एक आदिवासी बाला 3 साल से गायब है.

मैदान से ही गुम नाबालिग बालिका का पता नहीं चलने पर पुलिस ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है. पुलिस मुख्यालय तक पहुंची एक शिकायत के आधार पर अब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रामनिवास यादव ने विशेष टीम बनाकर जांच के निर्देश दिए हैं. रायपुर पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल प्रारम्भ कर दी है.


उल्लेखनीय है कि यौन शोषण के आरोप से घिरे आसाराम बापू इन दिनों गुजरात जेल में बंद हैं. उनके आश्रम में संदिग्ध गतिविधियों के आरोप भी लग रहे हैं. ऐसे में रायपुर के सरस्वती नगर थाने में अपराध क्रमांक 173-13 धारा 363 के तहत दर्ज अपहरण के मामले के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है. अब तक अधिकारी इस मुद्दे पर गंभीर नहीं थे जबकि कांकेर के नरहरपुर निवासी एक शिक्षक के पुत्र ने 16 जुलाई 2010 को अपनी बहन लीलेश्वरी मंडावी (17 वर्ष) के गुम होने की सूचना दी थी.

पुलिस लगातार 3 साल तक मामले की जांच करती रही. कुछ समय पहले सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश जारी हुए कि गुम हुए नाबालिगों का यदि 20-25 दिन तक कोई पता नहीं चले तो अपहरण का प्रकरण दर्ज किया जाए. इसी आधार पर 21 जून 2013 को धारा 363 का मामला दर्ज किया गया. हालांकि मामला अब भी जांच में ही लंबित है.

छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा विकास संगठन के अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने इस प्रकरण की शिकायत डीजीपी रामनिवास यादव से की. इस सम्बन्ध में एसपी ओ.पी. पॉल ने बताया कि उन्होंने थाने से प्रकरण की जानकारी मांगी है. फाइल का अवलोकन करने के पश्चात कुछ बिन्दुओं पर जांच के निर्देश उन्होंने दिए.

टीआई सरस्वती नगर पृथ्वीराज दुबे ने कहा कि उन्होंने आज ही मामले की फाइल निकालकर देखी है. बालिका 15 जुलाई को अपने परिवार के साथ साइंस कॉलेज मैदान में सत्संग में आई थी. वह परिवार के लोगों को यह कहकर गई कि फ्रेश होकर आ रही है. इसके बाद वह नहीं लौटी. अब परिवार वालों से पूछताछ के बाद जांच फिर शुरू की जाएगी. बहरहाल आसाराम के सत्संग से किसी आदिवासी बाला के गायब होने की बंद फाइल खुलने से उनके समर्थकों में मायूसी है वहीं आसाराम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

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