आयुष स्वास्थ्य बीमा में शामिल

नई दिल्ली | संवाददाता: आयुर्वेद, योगा, यूनानी, सिध्दा तथा होम्योपैथिक चिकित्सा को अब बीमा कंपनिया मान्यता देगीं. इस आशय का निर्णय केन्द्र सरकार ने लिया है. बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण ने सूचित किया है कि अब स्वास्थ्य बीमा का लाभ आयुष यानी आयुर्वेद, होम्योपैथिक आदि के मरीजो को भी मिलेगा. इस प्रकार गैर ऐलोपैथिक चिकित्सा करवाने पर भी उसके खर्चे बीमा कंपनिया वहन करेंगी.

इससे पहले बीमा कंपनिया केवल एलोपैथिक चिकित्सा करवाने पर ही उसका खर्च वहन करती थीं. लंबे समय से मांग की जा रही थी कि आयुष को भी बीमा की मान्यता मिले जो अब संभव हो पाया है. हालांकि यहां एक शर्त रखी गई है कि चिकित्सा सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थानों में करायी जाये.


वित्त राज्य मंत्री नमोनारायण मीणा ने बताय कि भारत जैसे देश में जहा एलोपैथिक के अलावा होम्योपैथिक, आयुर्वेद, यूनानी तथा सिध्दा चिकित्सा प्रणालियों का चलन है, वहां इस निर्णय से जनता को आजादी मिलेगी कि वह अपनी पसंदीदा चिकित्सा प्रणाली का चयन कर सके. प्राचीन काल से ही हमारे देश में आयुर्वेद का महत्व रहा है एवं इसका उपयोग किया जाता है. दक्षिण के राज्यों में सिध्दा का चलन रहा है. यूनानी चिकित्सा को बताया जाता है कि मुगल अपने साथ लेकर आये थे.

हालांकि एलोपैथिक चिकित्सा ने बहुत प्रगति की है लेकिन ऐसी कई बीमारियॉ हैं, जिसमें आयुष को कहीं अधिक मान्यता है.

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