दोहरे हत्याकांड के 26 दोषियों को उम्रकैद

बलौदा बाज़ार | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाज़ार जिले के पलारी तहसील में तीन वर्ष पूर्व हुए एक दोहरे हत्याकांड के सभी 26 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.

बलौदाबाज़ार के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश योगेश पारीक ने 17 अगस्त 2010 को ग्राम बलौदी की खपरी रोड नहर क्रासिंग के समीप हुए दोहरे हत्याकांड में दोषी पाए गए सभी आरोपियों को आजीवन कारावास (दो बार) की सजा सुनाई है.

मामला 17 अगस्त 2010 का है जब दोपहर करीब 12 बजे पलारी से पांच किलोमीटर दूर ग्राम बलौदी के खपरी रोड नहर क्रासिंग के पास गांव के पुनीत यादव, रामू यादव, महासिंग यादव गांव के मवेशियों को लेकर रोड किनारे बंजर भूमि पर फसल चराने गए थे. उनके साथ कालीचरण व ग्राम के अन्य 40-50 व्यक्ति भी गए थे.

उसी समय गांव के मंगलदास सतनामी, भद्दर, गिरधारी, छोटेलाल सतनामी एवं अन्य आरोपियों ने बंजर भूमि की फसल चराने को लेकर विवाद शुरू कर दिया.

बस्ती वालों द्वारा फसल चराने की बात कहने पर मंगलदास एवं अन्य लोगों ने एक राय होकर हाथ में लाठी, टंगिया लेकर जान से मारने की धमकी दी तथा हत्या की नीयत से लाठी-डंडे से प्राणघातक हमला कर दिया. इस हमले में चोवाराम कन्नौजे एवं मनीराम धोबी को गंभीर चोटें पहुंचीं. वहीं पुलिस की विवेचना के दौरान मनीराम कौशिक व पंचराम साहू की मौत हो गई.

इसी प्रकरण में आरोपी बिलवा व जीवन के विरुद्ध फरारी चालान पेश किया गया था. बाद में दोनों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध भी मामला न्यायालय योगेश पारिक द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया. न्यायालय ने इसी प्रकरण से संबंधित घटना से अन्य प्रकरण शासन विरुद्ध महासिंग व अन्य 24 के खिलाफ भी विचारण किया जिसमें महासिंग व अन्य 25 को दोषमुक्त करार दिया.

शासन की ओर से लोक अभियोजक अजेश त्रिवेदी ने बताया कि प्रकरण में शासन की ओर से 24 गवाहों का परीक्षण न्यायालय के समक्ष कराया गया था, जिसमें ग्राम बलौदी के कुछ प्रबुद्ध व्यक्तियों के अलावा पटवारी, चिकित्सक तथा विवेचना अधिकारी का बयान भी शामिल है.

इसके आधार पर न्यायालय ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत गवाहों तथा बहस के आधार पर सभी 26 आरोपी मंगलदास, ज्ञानदास, बलभद्र, तुलाराम, गिरधारी, मूले, हीरालाल, सुरेंद्र, गोपी, नैनदास, भोंदल, मनोहर, मोतीलाल, तुलाराम पिता विशाल सतनामी, बुधारू, बुल्लू, लाला राम, खेदूराम, उमेंदी, भजन, एंदू, चंद्रिका, छोटे लाल, हेमराज, बिलवा, जीवन को भादवि की धारा 302 सहपठित धारा 149 (दो बार) के अंतर्गत आजीवन कारावास (दो बार) व जुर्माने से दंडित किया.

साथ ही भादवि की धारा 307 सहपठित धारा 149 (छह बार) के अपराध के लिए प्रत्येक अभियुक्त को 5-5 वर्ष सश्रम कारावास (छह बार) तथा अन्य धाराओं में भी जुर्माने से दंडित किया.

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