बांग्लादेश: कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी पर रोक

ढाका: बांग्लादेश में उच्च न्यायालय ने देश की सबसे बड़ी कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी को अवैध घोषित करते हुए भविष्य में उसके चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया. ढाका हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति हुसैन, न्यायमूर्ति एम इनायतुर रहीम तथा काजी रेजाउल हक की पीठ ने जमात के राजनीतिक दल के तौर पर पंजीकरण को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए यह फैसला दिया.

उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले से देश के इस सबसे बड़ी रूढिवादी पार्टी के राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान लग गए हैं.

खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश की स्वतंत्रता और संप्रभुता में विश्वास नहीं रखती है इसीलिए इसे अवैध घोषित किया जाता है. अब यदि जमात-ए-इस्लामी फिर से आम चुनावों में भाग लेना चाहती है तो उसे अपने घोषणापत्र में बदलाव कर फिर पंजीकरण करवाना होगा.

जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ ये याचिका बांग्लादेश तारिकात फेडरेशन के महासचिव रेजाउल हक चंदपुरी और 24 अन्य लोगों ने दायर की थी. तारिकात एक ऐसा समूह है जो सूफी विचारधारा को मानता है कि और देश में धर्म-निरपेक्षता को बढ़ावा देता है.

उल्लेखनीय है कि जमात-ए-इस्लामी का इतिहास पकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी का विरोध करने वाली पार्टी का रहा है और अभी इसके कई नेताओं के खिलाफ इन दिनों युद्ध अपराध के आरोपों में मुकदमे चल रहे हैं, जिनके फैसलों के बाद देश में कई जगहों पर हिंसक प्रतिक्रिया देखने को मिली है.


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