घाटियां हैं पुलिस के लिये घातक

जगदलपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ में नक्सली वारदातों के चलते बीते वर्षो में दक्षिण बस्तर की घाटियां काफी संवेदनशील हो चुकी हैं. इन इलाकों में नक्सलियों द्वारा बारूदी सुरंग विस्फोट और गोलीबारी की घटनाएं की गई हैं. इसमें पुलिस के साथ अर्ध सैन्य बलों को भी नुकसान उठाना पड़ा है. दरअसल, घाटी में वारदात को अंजाम देना नक्सलियों के लिए आसान होता है. भौगोलिक परिस्थिति का लाभ उठाते हुए वे घात लगाकर हमला करते हैं. यह कायराना करतूत बदस्तूर जारी है.

सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी अशोक त्रिवेदी कहते हैं कि प्राय: हर वर्ष नक्सली जनवरी के बाद से लेकर मई जून तक अपनी गतिविधियां ज्यादा बढ़ाते हैं, जवानों को इस अवधि में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए, बस्तर के घात वाले इलाकों में सभी जवानों को यथासंभव निर्देशों का पालन कर ही गश्त और सर्चिग करना चाहिए. सुदूर वनांचलों के की घाटियों में नक्सलियों के नेटवर्क और पुरानी घटनाओं को ध्यान में रखकर ही रणनीति बनानी होगी.

गौरतलब है कि 28 फरवरी को दंतेवाड़ा जिलांतर्गत कुआकोंडा थाना क्षेत्र के खुटेपाल में नक्सली वारदात इस साल की पहली बड़ी नक्सली घटना है. यह घटना भी घाटी में ही हुई है. अत्यंत सुंदर पहाड़ी श्यामगिरी के आगे खुटेपाल का घाट आरंभ होता है. इसी स्थान पर घात लगाए नक्सलियों ने हथियारबंद जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी.

बीते वर्षो में भी नक्सलियों ने दर्जनों वारदातें कीं. वर्ष 2011 में जगदलपुर-बीजापुर नेशनल हाइवे पर बंजारी घाटी में असम लौट रही सीमा सशस्त्र बल की एक कंपनी को निशाना बनाया था. इस घटना में जवानों का ट्रक बारूदी सुरंग विस्फोट की जद में आ गया था. इसमें चार जवान शहीद हुए थे.

गत वर्ष ही नेरली घाटी में नक्सलियों ने विस्फोट कर पुलिस की एंटी लैंडमाइन वाहन (एएलम) को उड़ाने की कोशिश की थी. इसमें चार-पांच जवान जख्मी हुए थे. विस्फोट करने के बाद नक्सलियों ने वाहन पर गोलियां भी बरसाई थीं.

नेरली घाटी में ही बीते दो वर्षो में मार्ग पेड़ काटकर मार्ग अवरुद्ध करने, पर्चे फेंककर दहशत फैलाने, वाहनों में आगजनी की घटनाएं नक्सली कर चुके हैं. इसके चलते बैलाडीला मार्ग पर पड़ने वाली नेरली घाटी अति संवेदनशील मानी जाती है.

दूसरी तरफ, कुआकोंडा से सुकमा मार्ग पर भूसारास घाटी कुछ सालों पहले नक्सली घटनाओं के लिए काफी चर्चित थी. गश्ती दल पर गोलीबारी, सड़क में विस्फोट, मार्ग अवरुद्ध करने की घटनाएं हो चुकी हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *