BHU का प्रोफेसर निलंबित

वाराणसी | एजेंसी: बीएचयू के प्रोफेसर सतीश चंद्र सिंह को छात्रा से छेड़छानी के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा बीएचयू प्रबंधन ने एक जांच समिति का भी गठन किया है जो आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी. उधर आरोपित प्रोफेसर ने अपने उपर लगे आरोपों को झूठा करार दिया है. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में प्रबंधन संकाय की एक छात्रा के साथ प्राध्यापक द्वारा छेड़खानी किए जाने का मामला सामने आया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी प्रो़ सतीश चंद्र सिंह को निलंबित कर घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. कुलपति प्रो़ गिरीश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में उनके आवास पर शनिवार देर रात बुलाई गई आपात बैठक में सतीश चंद्र को निलंबित करने का फैसला किया गया. कुलपति ने मामले की जांच के भी आदेश दे दिए हैं.

बीएचयू के जन संपर्क अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि सतीश चंद्र को निलंबित कर मामले की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है.


इधर, सतीश चंद्र ने छात्रा के लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा, “बाबा विश्वनाथ सब देख रहे हैं. मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है. आखिर मैं ऐसा क्यों करूंगा. मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है.”

जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में यह मामला 30 जनवरी को आया था. लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कुलपति ने सतीश चंद्र को निलंबित करने का निर्णय लिया. बीएचयू का शिकायत प्रकोष्ठ इस मामले की जांच कर रहा है.

इधर, शनिवार रात सतीश चंद्र को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें सर सुंदरलाल अस्पताल के सीसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया.

पीड़ित छात्रा ने शुक्रवार को अपनी साथी छात्राओं के साथ लंका थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

सूत्रों के अनुसार, छात्राओं ने शनिवार को विश्वविद्यालय के दौरे पर आईं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मिलकर उन्हें इस घटना से अवगत कराया था.

नगर पुलिस अधीक्षक सुधाकर यादव ने बताया कि इसकी शिकायत लंका थाने में दर्ज कराई गई थी और मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.

थाने द्वारा विश्वविद्यालय से संपर्क किए जाने के बाद शुरुआत में हालांकि, इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

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