भूपेश के सवाल पर घिर गये रमन सिंह

रायपुर | संवाददाता: विकास के सवाल पर भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को ऐसा घेरा है कि सरकार के लिये जवाब देना मुश्किल हो गया है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और विधायक भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री रमन सिंह को उनके ही गोद लिये गांव के विकास का हवाला देते हुये मुख्यमंत्री को चुनौती दी है.

छत्तीसगढ़ की राजनीति में ट्वीटर-ट्वीटर का खेल पिछले कुछ महीनों में तेज़ी से बढ़ा है.यहां तक कि सरकार ने ट्वीटर हैंडल समेत दूसरे सोशल मीडिया में प्रचार-प्रसार के लिये निजी कंपनियों की सेवायें ले रखी हैं. दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेता और समर्थक सोशल मीडिया पर एक दूसरे को जवाब देने में जुटे रहते हैं. लेकिन भूपेश बघेल के ताज़ा वार के बाद भाजपा और सरकार को जवाब देते नहीं सूझ रहा है.


असल में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विकास के सवाल पर सरगुजा में कहा था कि कांग्रेस के लोगों से आप लोगों को पूछना चाहिए कि विकास किस चिड़िया का नाम है. इसके बाद भूपेश बघेल ने एक के बाद एक धड़ाधड़ कई ट्वीट किये और सरकार के ही आंकड़ों के साथ रमन सिंह को घेरने की कोशिश की. एक ट्वीट में भूपेश बघेल ने लिखा-छत्तीसगढ़ राज्य में पिछले 15 वर्षों से ‘विकास की चिड़िया’ गायब है. अगर आप में से किसी को भी इसके बारे में कोई भी जानकारी हो तो नीचे दिए गए पते पर अवश्य सूचित करें. मेरे एक ‘अभिन्न मित्र’ को इसकी सख्त आवश्यकता है.


भूपेश बघेल के इस टिप्पणी के जवाब में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी तंज कसा और कहा कि रायपुर में बैठकर विकास नहीं दिखेगा. कांग्रेसी एक बार बस्तर-दंतेवाड़ा घूमकर आए विकास नजर आ जाएगा.

अब भूपेश बघेल ने विकास के इसी सवाल को लेकर रमन सिंह को लपेट लिया है. मुख्यमंत्री रमन सिंह के बयान पर चुनौती देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री जहां चाहें चलकर विकास नाम की चिड़िया दिखा दें, बस शर्त एक ही है कि हर यात्रा सड़क मार्ग से होगी और साथ होगी. उन्होंने कहा है कि रमन सिंह चाहें तो वे उनके अपने विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव में उनके गोद लिए हुए गांव सुरगी से इस यात्रा की शुरुआत करने को तैयार हैं.

भूपेश बघेल ने कहा, “हेलिकॉप्टर से जाकर वापस लौटने से विकास नहीं दिखता, मैंने बस्तर में लगभग सौ किलोमीटर पदयात्रा की है और मैं बस्तर के विकास का सच जानता हूं. अगर 15 साल सरकार चलाने के बाद भी रमन सिंह बस्तर का एक भी जिला नक्सली मुक्त नहीं करवा पाए हैं तो यह अपने आपमें विकास के झूठ को नंगा करने वाला सच है.”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि रमन सिंह चाहें तो विकास नाम की चिड़िया तलाश करने की शुरुआत राजनांदगांव में उनके द्वारा गोद लिए गए गांव सुरगी से भी की जा सकती है. मुख्यमंत्री चाहें तो राजनांदगांव के सांसद और उनके बेटे अभिषेक सिंह के गोद लिए हुए गांव भोथीपारा खुर्द भी चलकर विकास देखने की कोशिश हो सकती है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि रमन सिंह और कुछ न करें एक बार उनके साथ सड़क मार्ग से बिलासपुर चलकर देख लें. छत्तीसगढ़ की सबसे महत्वपूर्ण सड़क महज 100 किलोमीटर लंबी है और वहां अभी भी दुर्दशा का आलम है, वैसे रमन सिंह चाहें तो साथ पैदल पैदल बिलासपुर शहर घूमकर भी देख सकते हैं, जिसे जनता ने ‘खोदापुर’ का नाम दे रखा है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा- “रमन सिंह जी को इस बार मुकरना नहीं चाहिए. मैं जिम्मेदारी के साथ निमंत्रण दे रहा हूं. बस वे तारीख और जगह का नाम बता दें मैं अपनी गाड़ी लेकर मुख्यमंत्री निवास हाजिर हो जाउंगा.”

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