नेपाल की हवालात में बिहार के ‘शराब पर्यटक’

काठमांडू | समाचार डेस्क: नेपाल में एक नया पर्यटन शुरु हो गया है जिससे वहां की सरकार का राजस्व भी बढ़ा है. यह पर्यटन दरअसल बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू किये जाने के बाद शुरु हुआ है. अपने राज्य में शराब न मिलने के कारण नेपाल से सटे बिहार के जिलों के पियक्कड़ नेपाल में शराबखोरी करने जाते हैं तथा हवालात की हवा खाकर लौट आते हैं. इन पियक्कड़ों पर नेपाल सरकार हजार-हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंक रही है. बिहार में पहली अप्रैल से शराबबंदी लागू होने के बाद से हजारों की संख्या में बिहार के लोग शराब का अपना रोजाना कोटा पूरा करने के लिए अपने राज्य से सटे नेपाल पहुंच रहे हैं.

बड़ी संख्या में बिहार वासियों को नेपाल पुलिस की हिरासत में रात बितानी पड़ती है और जुर्माना भरना पड़ता है.


नेपाल के रौताहाट जिले की पुलिस ने कहा कि बिहार सीमा से सटे नेपाली क्षेत्र में कुकुरमुत्तों की तरह उगी दर्जनों झोपड़ियों में शराब पीते पकड़े जाने पर कम से कम 70 भारतीय नागरिकों को एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया गया.

ये झोपड़ियां अस्थायी हैं जो भारत के शराब-प्रमियों के लिए बनाई गई थीं.

रौताहाट के पुलिस अधीक्षक गणेश रेग्मी ने कहा, “गत सप्ताह हमने यहां शराब पीने आए 70 भारतीय नागरिकों से जुर्माना वसूला.”

उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों को एक रात के लिए हवालात में रखा गया और दूसरे दिन उन्हें छोड़ दिया गया.

रेग्मी ने कहा कि शनिवार को पुलिस ने नौ भारतीय नागरिकों को पकड़ा और एक रात के लिए हवालात में रखा. दोबारा शराब पीने के लिए नेपाली सीमा में नहीं दिखने के लिखित में वचन लेने के बाद दूसरे दिन उन्हें छोड़ा गया.

भारतीय पियक्कड़ों के कम समय के लिए नेपाली क्षेत्र में आने के कारण अपराध में वृद्धि की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने अस्थायी शराब की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.

भारतीय शराबियों की तलाश में पुलिस झोपड़ियों में चल रही शराब की दुकानों पर हर रोज शाम छह बजे बाद छापे मारती है.

नेपाल में भारतीय नागरिकों की प्रवाह पर नजर रखने के लिए भारतीय पुलिस भी अपने नेपाली समकक्ष के साथ मिलकर काम कर रही है, क्योंकि इससे भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा पर अपराध प्रभावित हो सकता है.

भारत-नेपाल के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा खुली है और नियमित सुरक्षा जांच के बाद दोनों तरफ लोगों को आने-जाने दिया जाता है.

अब नेपाली पुलिस से बचने के लिए भारत के शराब-प्रेमी नेपाल के शहरों में शाम के समय आते हैं, शराब पीते हैं और वहां रात बिताने के बाद दूसरे दिन लौट जाते हैं.

बिहार में शराबबंदी के बाद नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में न केवल शराब की दुकानें बढ़ी हैं, बल्कि कई साहसी भारतीय नागरिकों ने बिहार के पियक्कड़ों को लक्षित कर छोटे-छोटे रेस्तरां भी खोल दिए हैं.

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