भाजपा का ‘विजन’ ईमानदार नेतृत्व

नई दिल्ली | एजेंसी: भाजपा अगर दिल्ली में सत्ता में आई, तो पारदर्शी सरकार तथा ईमानदार नेतृत्व प्रदान करेगी. शनिवार को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक विजन डॉक्यूमेंट जारी करते हुए भाजपा ने भ्रष्टाचार पर कोई नरमी नहीं बरतने, राजकोषीय विवेक तथा पूर्ण जवाबदेही का संकल्प लिया.

भाजपा ने घोषणा-पत्र की जगह ‘विजन डॉक्यूमेंट’ जारी किया है, जिसे भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन की अध्यक्षता वाली समिति ने तैयार किया है. इसमें राष्ट्रीय राजधानी को विश्व स्तरीय शहर बनाने का वादा किया गया है. साथ ही इसमें बिजली, पानी, अस्पतालों और परिवहन व्यवस्था जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने पार्टी का ‘विजन डॉक्यूमेंट’ जारी करते हुए संवाददाताओं से कहा, “यदि हम दिल्ली को स्मार्ट और वैश्विक स्तर का शहर बनाना चाहते हैं तो हमें बिजली, पानी व परिवहन जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान करना होगा.”

सतीश ने कहा कि ‘विजन डॉक्यूमेंट’ दिल्ली को विश्व स्तर का शहर बनाने और सभी को आवास मुहैया कराने की दिशा में कदम उठाने का वादा करता है. उन्होंने कहा, “हमने मध्य वर्ग के लिए एक लाख घरों का वादा किया है. यह चुनाव यह फैसला करेगा कि राजधानी किस रास्ते पर चलेगी.”

हालांकि भाजपा के ‘विजन डॉक्यूमेंट’ में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के वादे को नहीं शामिल किया गया है, जबकि यह वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा के घोषणा-पत्र में शामिल था.

इस अवसर पर पार्टी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी भी मौजूद थीं. उन्होंने कहा, “विजन डॉक्यूमेंट में यमुना नदी की सफाई, गरीबों को आवास, बिजली, गांवों का विकास, मवेशियों के लिए आश्रय, पूर्वोत्तर के लोगों को सुरक्षा सुनिश्चित करना, 1984 दंगे के पीड़ितों को न्याय दिलाना और दिल्ली नगर निगम, कानून व्यवस्था तथा कला एवं संस्कृति सहित कई मुद्दों को शामिल किया गया है.”

भाजपा नेता प्रभात झा ने मतदाताओं को आश्वस्त किया कि इसमें किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा, जिससे दिल्ली को आगे ले जाने में मदद मिलेगी.

पार्टी ने कहा कि दिल्ली का विकास उपलब्ध समस्त संसाधनों का विस्तृत एवं गहन विश्लेषण, रणनीति संबंधी महत्ता पर विशेषज्ञ सलाहकार परिषद, नियमित तौर पर क्षेत्र का दौरा तथा भारत सरकार के साथ मिलकर किया जाएगा.

प्रधानमंत्री की ही तर्ज पर मुख्यमंत्री रेडियो कार्यक्रम ‘दिल की बात’ में लोगों को विकास के विभिन्न कार्यक्रमों से अवगत कराएंगे.

दिल्ली वर्ष 1992 में राज्य बना था. यहां एक निर्वाचित सरकार की व्यवस्था तो है, लेकिन उसे कानून एवं व्यवस्था का अधिकार नहीं है. यह अधिकार केंद्र के पास ही है.

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए सात फरवरी को मतदान होगा, जबकि मतगणना 10 फरवरी को होगी.

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