केजरीवाल माफी मांगें: BJP

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: भाजपा ने रविवार को केजरीवाल से अरुण जेटली से माफी मांगने के लिये कहा है. इस पर आप ने पलटवार करते हुये कहा है कि यदि जेटली कुछ गलत नहीं किया है तो जांच से क्यों डर रहें हैं? भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को दिल्ली जिला क्रिकेट संघ मामले में आरोप लगाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से वित्त मंत्री अरुण जेटली से माफी मांगने के लिए कहा. पार्टी ने कहा है कि दिल्ली सरकार द्वारा डीडीसीए मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की रपट में जेटली का कोई जिक्र नहीं है.

हैरानी की बात यह है कि जांच समिति की रिपोर्ट में डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का कोई जिक्र नहीं है, जबकि दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी जेटली पर डीडीसीए में हुए तमाम भ्रष्टाचारों को लेकर हमलावर रही है.


भाजपा प्रवक्ता एम.जे.अकबर ने संवाददाताओं से कहा कि जेटली पर निशाना लगाते हुए केजरीवाल ने कहा था कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उनके प्रधान सचिव के दफ्तर पर छापा मारने के दौरान डीडीसीए की एक फाइल की पड़ताल की थी. लेकिन, जांच रपट में जेटली के बारे में कुछ नहीं कहा गया है.

उन्होंने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अरुण जेटली से माफी मांगनी चाहिए.”

आम आदमी पार्टी जेटली के इस्तीफे की मांग कर रही है. पार्टी का आरोप है कि जेटली के डीडीसीए प्रमुख रहने के दौरान संस्था में हुई कथित गड़बड़ियों में जेटली खुद शामिल थे.

उधर, अरविंद केजरीवाल ने रविवार को सवाल किया कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने यदि कुछ गलत नहीं किया है, तो वह जांच से क्यों डरे हुए हैं.

केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच अंतर यह है कि आप ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की, जबकि भाजपा ने भ्रष्टाचार का बचाव किया.

मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, “जेटली जी जांच से डर क्यों रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “भाजपा और आप में यही अंतर है. आप विश्वसनीय सबूत पर कठोर और त्वरित कार्रवाई करती है. भाजपा भ्रष्टाचार का बचाव करती है और जांच से भागती है.”

केजरीवाल भाजपा के उन आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ पर दिल्ली सरकार की रपट में जेटली का कहीं नाम नहीं है.

दिल्ली सरकार ने इसके पहले डीडीसीए में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक आयोग गठित किया था.

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