व्यक्तिवादी सोच से उपर उठें भाजपाई: संघ

लखनऊ | एजेंसी: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी ने भाजपाइयों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव में संघ का मिशन तभी पूरा होगा, जब भाजपा के पदाधिकारी व्यक्तिवादी सोच से ऊपर उठकर पार्टी हित को ध्यान में रखते हुए काम करेंगे.

उत्तर प्रदेश की राजधानी में शुक्रवार को जीयामऊ स्थित विश्व संवाद केन्द्र में भाजपा और संघ के पदाधिकारियों के बीच हुई समन्वय बैठक में सुरेश सोनी ने भाजपाइयों को यह फटकार लगाई. बैठक में भाजपा, विहिप समेत दर्जनों समवैचारिक संगठनों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया.

भाजपा सूत्रों की माने तो संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी ने लोकसभा चुनाव के लिए भाजपाइयों को मंत्र दिया कि “अतीत को विस्मृत कर भविष्य की चिंता कर आगे बढ़ें”.

सोनी ने कहा कि सभी मतभेदों को भुलाकर देश व समाज हित में यह जरूरी हो गया है कि राष्ट्रवादी सोच वाली राजनीतिक पार्टी केंद्र की सत्ता में पहुंचे. लेकिन जिस तरह की व्यक्तिवादी सोच को लेकर उप्र भाजपा के कई प्रकोष्ठों एवं टीम की घोषणा की गई उससे संघ का मिशन पूरा नहीं होने वाला है.

सूत्र ने बताया कि भाजपा पदाधिकारियों को स्पष्ट तौर पर यह संदेश दिया गया कि किसी भी तरह से व्यक्तिवादी सोच को हावी न होने दे. मतभेदों एवं मनभेदों को भुलाकर एकजुट होकर काम करने की जरूरत है तभी संघ का वर्ष 2014 का मिशन पूरा हो सकेगा.

संघ ने हालांकि यह भी माना कि सामाजिक परिवर्तन से ही देश की तस्वीर बदलेगी, लेकिन देश के सर्वांगीण विकास के लिए राजनीतिक ताकत की एक अहम भूमिका होती है. सत्ता में बैठी शक्तियां जैसी नीतियां बनाती हैं, वैसी ही देश की सूरत दिखती है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो राजनीतिक शक्ति केन्द्र में बैठी है उससे देश की छवि सिर्फ अपने देश में ही नहीं पूरी दुनिया में गिरी है.

भाजपा के सूत्रों के मुताबिक सोनी ने कहा कि राष्ट्रीय आधार पर सभी वर्ग के लोगों को जोड़ने की आवश्यकता है. सूबे की जातिवाद आधारित राजनीति पर कहा कि जिस दिन चुनाव में मतदाता शत-प्रतिशत मतदान करना शुरू कर देगा, उस दिन जातिवाद का जहर अपने आप समाप्त हो जाएगा. इसलिए आवश्यकता है कि शत-प्रतिशत मतदान हो. इसके लिए जनजागरण चलाया जाए.

भाजपा सूत्रों की मानें तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त वाजपेयी ने सभी के समक्ष पार्टी की वर्तमान स्थिति को रखा. संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने भाजपा कार्यालय के माहौल को खराब बताते हुए कहा कि जिस प्रकार की चर्चा वहां होती है, वह न तो पार्टी हित में है और न ही वे विचार परिवार के लिए ठीक हैं. इसलिए इन सब चीजों पर रोक लगाई जानी चाहिए.

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