टीम अमित शाह

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद अमित साह ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. अमित शाह ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणई में किरन बेदी, नजमा हेपतुल्ला तथा स्मृति ईरानी को कोई स्थान नहीं दिया गया है. वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आजवाणी को सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय कार्यकारिणई में फिर से लिये गया है. अमित शाह के नई टीम में पूरी तरह से प्रदानमंत्रई मोदी की छाप देखी जा सकती है. जिसके तहत काम करने वालों तथा नतीजा देने वालों को वरीयता दी गई है. इसी के साथ कहा जा सकता है कि भाजपा में अमित शाह युग का आगाज़ हो गया है. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया, लेकिन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और नज्मा हेप्तुल्ला को इसमें जगह नहीं दी गई है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित 111 सदस्य हैं.

सूची में 27 विशेष आमंत्रित हैं जिसमें भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं.

पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 40 विशेष आमंत्रितों से अलग राज्य विधानसभाओं और विधान परिषदों के सभी नेताओं और राज्यों के अध्यक्षों को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आमंत्रित किया गया है.

नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पहली बैठक अगले महीने बेंगलुरू में होने की उम्मीद है.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह पाने से चूकने वाले अन्य जानेमाने भाजपा नेताओं में अभिनय से राजनीति कूदी हेमा मालिनी और महाराष्ट्र में पार्टी की युवा नेता शाइना एन.सी. शामिल हैं.

इनके अलावा दिल्ली में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद की प्रत्याशी किरण बेदी भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नहीं ली गई हैं. किरण विधायक तक का चुनाव जीत पाने में कामयाब नहीं रहीं.

पूर्व की कार्यकारिणी में शामिल कई नेता अपने पद पर बने हुए हैं तो कई नए चेहरे शामिल किए गए हैं.

ईरानी और हेप्तुल्ला को छोड़ कबीना स्तर के अधिकांश मंत्री नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किए गए हैं. शामिल मंत्रियों में राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, एम. वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, अनंत कुमार, थावर चंद गहलोत, मेनका गांधी, जगत प्रकाश नड्डा, रविशंकर प्रसाद, कलराज मिश्र, नरेंद्र सिंह तोमर, राधामोहन सिंह, जुएल ओरांव, सुरेश प्रभु और हर्षवर्धन हैं.

कई राज्य मंत्रियों को भी लिया गया है और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री भी इसमें शामिल हैं.

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