स्तनपान फायदेमंद

नई दिल्ली | एजेंसी: एक गैर सरकारी संस्था ने गुरुवार को कहा कि भारत में अब भी सिर्फ 41 प्रतिशत महिलाएं ही नवजात शिशु को स्तनपान कराने की पहल करती हैं. स्तनपान के फायदे और महत्व के बारे में महिलाओं के बीच अब भी जागरूकता की कमी है. गैर सरकारी संस्था ‘सेव द चिल्ड्रेन’ की कानून एवं नीति निदेशक शिरीन मिलर ने कहा, “भारत में कमजोर और समृद्ध दोनों ही तबकों की महिलाओं में शुरुआती स्तनपान की जरूरत को लेकर जागरूकता की कमी है. मां का पहला दूध नवजात शिशु के लिए प्रभावी टीकाकरण होता है.”

समाज और खास कर महिलाओं को स्तनपान के फायदों के प्रति जागरूक बनाने के लिए संस्था एक से सात अगस्त तक स्तनपान सप्ताह मना रही है. कार्यक्रम के दौरान मशहूर हस्तियां समाज में स्तनपान के लिए महिलाओं में जागरूकता फैलाने में सहयोग देंगी.

अभिनेत्री नंदिता दास ने कहा, “मुझे यह तो पता था कि मां का पहला दूध नवजात शिशु के लिए जरूरी और लाभदायक होता है. लकिन इस बात की जानकारी नहीं थी कि मां के दूध में पाया जाने वाला कोलस्ट्रम कई तरह की बीमारियों से शिशु की रक्षा करने में सक्षम होता है.”

विशेषज्ञों का भी सुझाव है कि जन्म के पहले छह महीने तक शिशु को कराया गया स्तनपान उसे कुपोषण से बचाता है.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सिर्फ 12 प्रतिशत महिलाओं ने अपने शिशु को पहले छह महीने तक स्तनपान कराया. सबसे कम स्तनपान के आंकड़ों में हरियाणा का पहला स्थान है, जहां सिर्फ 9.4 प्रतिशत महिलाओं ने शिशु को स्तनपान कराया. इस मामले में दिल्ली दूसरे पायदान पर है. संस्था ने इसके लिए डब्बाबंद खाद्य उत्पाद बनाने वालों को दोषी ठहराया है.

संस्था के मुताबिक, देश में हर साल 16.5 लाख शिशु डायरिया जैसी बीमारियों के कारण मरते हैं जबकि स्तनपान से कम से कम 13 प्रतिशत शिशुओं की जान बच सकती है.

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