बदायूं रेप के पीछे क्या है?

लखनऊ | समाचार डेस्क: बदायूं गैंग रेप का केस दिनों-दिन उलझता जा रहा है. सीबीआई ने जब से इस केस को अपने हाथ में लिया है शक की सुई दिशा बदल रही है. बीते दिनों जहां सभी पांचों नामजद आरोपी पॉलीग्राफ यानी लाई डिटेक्टर टेस्ट में पास हो गए थे और उनके पूर्व के बयानों में कोई अन्तर नहीं पाया गया था वहीं ताजा घटनाक्रम में पीड़िता के रिश्तेदारों के लाई डिटेक्टर टेस्ट में फेल होने के बाद यह मामला बेहद उलझता नजर आ रहा है.

सूत्रों के मुताबिक फोरेसिंक एक्सपर्ट की ओर से सीबीआई को बताया गया है कि पीड़िता के रिश्तेदारों ने आरोपियों के खिलाफ झूठी गवाही दी थी. आरोप है कि रिश्तेदारों ने जांच को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश की.

दरअसल सीबीआई की टीम ने कटरा सआदतगंज पहुंचने के बाद दोनों किशोरियों को पिता सोहन लाल व जीवनलाल तथा चाचा रामबाबू से पूछताछ के लिए कैम्प कार्यालय चलने को कहा. जीवन की तबियत ठीक नहीं होने के कारण सीबीआई की टीम सोहन लाल तथा रामबाबू को अपने साथ ले गई थी, जहां उनसे लम्बी पूछताछ की गई. जिसके बाद सीबीआई के शक की सुई परिजनों के ईद गिर्द घूम रही है.

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई फिलहाल हैदराबाद के सीडीएफडी और गांधी नगर के एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, लेकिन जिस तरीके से आरोपी लाई डिटेक्टर टेस्ट में दोषी नहीं पाए गए और परिजनों के बयान बदले-बदले नजर आ रहे हैं, उससे सन्देह जाहिर किया जा रहा है कि कहीं न कहीं कुछ ऐसा है, जिसे परिजन छिपा रहे हैं.

इससे पहले केंद्रीय फोरेंसिंक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पांचों आरोपियों के फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक आकलन, फोरेंसिक बयान विश्लेषण व पॉलीग्राफ टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने पाया था कि पांचों आरोपियों पप्पू, अवधेश, उर्वेश यादव, कांस्टेबल छत्रपाल यादव और सर्वेश यादव के बयान में कोई अंतर नहीं मिला. आरोपियों ने दुष्कर्म, हत्या और सबूतों को नष्ट करने के आरोपों से स्पष्ट इनकार किया था. इन पांचों आरोपियों को बीते जून में सीबीआई ने मामला दर्ज करने के बाद हिरासत में लिया था.

गौरतलब है कि बदायूं के उसैत थाना क्षेत्र के कटरा गांव में दो किशोरियों से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या करके शवों को पेड़ से लटका दिया गया था. ये दोनों किशोरियां शौच जाने के लिए घर से निकलीं थी और इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया था, जबकि बाद में इनका शव पेड़ से लटका पाया गया था.

वहीं जिस तरह से सभी आरोपियों के खिलाफ पॉलीग्राफ टेस्ट में कोई सूबत नहीं पाये गए हैं और किशोरियों के परिजन ही शक के घेरे में हैं, उससे मामले में जल्द ही नया सनसनखेज खुलासा होने की उम्मीद है.

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