11 जुलाई की हड़ताल टली

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: 7वें वेतनमान के खिलाफ़ केन्द्रीय कर्मचारियों की 11 जुलाई की हड़ताल टल गई है. केन्द्रीय कर्मचारियों के संगठन ने इस हड़ताल को चार माह के लिये टाल दिया है. ऐसा वित्त मंत्रालय के उस बयान को जारी करने के बाद किया गया है जिसमें कहा गया है कि सरकार इसके लिये एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर रही है जो कर्मचारियों की मांग पर विचार करेगा.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 22 से 23 हजार रुपये प्रतिमाह कर सकती है. 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार यह 18 हजार रुपये प्रस्तावित है जिसे कर्मचारी संगठन 26 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं. इसी के साथ पेंशन व्यवस्था की खामियों को भी दुरस्त किया जायेगा.


उल्लेखनीय है कि 6वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन 7000 रुपये तय किया था. उसमें 1.1.2016 को लागू 125% महंगाई भत्ता 8,750 रुपये जोड़ने के बाद कुल न्यूनतम वेतन 15,750 रुपये होता है. 18000 रुपये न्यूनतम वेतन तय करने का अर्थ हुआ कि कुल बढ़ोत्तरी मात्र 2250 रुपये अर्थात लगभग 14.28% हुई है जबकि दावा 23 फीसदी का किया जा रहा है.

स्वतन्त्र भारत में केन्द्रीय कर्मचारियों के मामले में न्यूनतम और अधिकतम आय में अंतर 1ले और 2रे वेतन आयोग ने क्रमश: 36 तथा 37 गुना रखा था. लेकिन, 3रे वेतन आयोग ने इसे कम कर 18 गुना, 4थे और 5वें आयोग ने और कम करके 10 गुना तथा 6वें आयोग ने यह 11 गुना रखा गया.

अब 7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन 18,000 और अधिकतम वेतन 2,50,000 करके इस अंतर को 13 गुना कर दिया है. मूलतः केन्द्रीय कर्मचारी इसी का विरोध कर रहें हैं.

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