अदालत में हिंसा के लिए केंन्द्र जिम्मेदार

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: अरविंद केजरीवाल ने पटियाला हाउस अदालत परिसर में दो दिन हुई हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया. केजरीवाल गुरुवार को ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली पुलिस को यदि निर्देश नहीं होता तो वह ऐसी घटना के दौरान मूकदर्शक नहीं बनी रहती.

उन्होंने कहा कि इसका सीधा अर्थ है कि अदालत में सोमवार और बुधवार को हुई हिंसा के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है और उसे ही रिपोर्ट करती है.

आम आदमी पार्टी के नेता ने यह भी कहा कि सोमवार और बुधवार को अदालत में जेएनयू छात्रों और पत्रकारों पर वकीलों के एक समूह द्वारा किया गया हमला सर्वोच्च न्यायालय के प्राधिकार को भी चुनौती है.

केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली पुलिस एक वर्दीधारी बल है. अगर उनका मास्टर कहता है कि कुछ मत करो, तो वे कुछ नहीं करेंगे और अगर उनका मास्टर उन्हें गोली मारने को कहता है, तो वे ऐसा ही करेंगे. यहां मास्टर केंद्र सरकार है. यह प्रधानमंत्री की तानाशाही है.”

उन्होंने कहा, “हमने ये मुद्दे राष्ट्रपति के समक्ष उठाए हैं. आखिर यह कौन तय करेगा कि राष्ट्र-विरोधी कौन है?”

केजरीवाल ने यह भी पूछा कि जिन लोगों ने राष्ट्र विरोधी नारेबाजी की, पुलिस अब तक उन्हें क्यों नहीं गिरफ्तार कर सकी?

उन्होंने कहा, “जिन लड़कों ने नारे लगाए, पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकती. ऐसा पुलिस बल शर्मनाक है.”

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