धीमे विद्युतिकरण से आक्रोशित ग्रामीण

मैनपाट | संवाददाता: राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत विकासखंड स्तर पर 31 ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण कार्य कछुआ की गति से चल रहा है, जिससे ग्रामीणों में रोष है. विकासखंड मैनपाट अंतर्गत इन दिनों राजीव गांŠधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत विकासखंड स्तर पर 31 ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण की जिम्मेदारी ठेके पर दी गई है.

मैनपाट के 31 ग्राम पंचायत में 46 गांव हैं, जहां गांव के कई पारे- टोले में विद्युतीकरण नहीं हो सका. उक्त कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा और असंतोष है. इसका ग्रामीणों द्वारा कई बार विरोŠध भी किया गया लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. मैनपाठ के कई गांव में कहीं खम्भा खड़ा है तो कही खंभा वर्षो से नीचे पड़ा है.


ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा गड्डा खुदवाकर आज तक मजदूरी ही नही दी गई और जहां पोल खड़ा कर दिया गया है, वहां आज तक बिजली नहीं लगी. ग्राम डुमरगोडा, पतरापारा, कोठारबुंद्रा के ग्रामीण ने खुद ही गड्ढा खोदा एवं पोल को खुद ही ढोकर लाए, लेकिन आज तक उ‹हें भी मजदूरी नहीं मिली और ना ही बिजली लगी.

इसी तरह कई पंचायतों की शिकायत है कि पैसा नहीं मिलता है. वर्ष 2009 में शुरू हुई इस योजना के कार्य पूर्ण करने की तिथि 2011 में ही खत्म हो गई थी. लेकिन कार्य अधूरे होने के कारण इसे अब 2013 तक बढ़ा दिया गया था. अवŠधि बढ़ाये जाने के बाद आज 2013 तक कार्य नहीं हो सका.

इस योजना का पूरी तरह से बंदरबांट हो चुका है. ना तो पावरग्रीड ने इस ओर Šयान दिया और न हीं स्थानीय स्तर पर विभागीय अŠधिकारियों ने इस पर अभी तक कोई ध्यान दिया .

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