गुणवत्ता वर्ष का काम बहा पानी में

राजनांदगांव | विशेष संवाददाता: मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में शिवनाथ नदी पर मोहारा में करीब साल भर पहले पौने तेरह करोड रूपए की लागत से बने उच्चतम स्तरीय पुल की एप्रोच रोड नदी में पानी के तेज बहाव के चलते बह गई.

मुख्यमंत्री ने इस पुल का लोकार्पण पिछले साल यानि कि छत्तीरसगढ सरकार द्वारा घोषित गुणवत्ता वर्ष में किया था लेकिन यह पुल साल भर बाद ही धराशायी हो गया. आनन फानन में इस मामले में दो अफसरों को निलंबित कर दिया गया है और मुख्यामंत्री ने इसकी मरम्मरत के लिए ढाई करोड रूपए की राशि भी स्वीबकृत कर दी है.

शिवनाथ नदी पर बने पुल के एप्रोच रोड के बह जाने से राजनांदगांव-बालोद रोड पर यातायात प्रभावित हो गया है. इस पुल और इसके एप्रोच रोड के निर्माण में भ्रष्टााचार और लापरवाही का आरोप पहले ही कांग्रेसियों ने लगाया था और इसके लोकार्पण के बाद ही इसके खराब हो जाने पर कांग्रेसियों ने इस पर धान का रोपा लगाकर विरोध जताया था.

मुख्यकमंत्री ने इस पु‍ल का लोकार्पण पिछले साल जुलाई महीने की 20 तारीख को किया था और इसकी लागत थी 12 करोड 78 लाख रूपए. उदघाटन के दस दिनों के भीतर ही इसके एप्रोच रोड में गडढे हो गए थे और इसके बाद 10 अगस्तक को कांग्रेसियों ने इस जगह पर धान का रोपा लगाकर अपना विरोध जताया था. तब मामले की जांच की बात की गई थी लेकिन जांच के बाद हुआ कुछ नहीं और अब जब एप्रोच रोड बह गया है, जांच टीम बिठा दी गई है. दो अफसरों को निलंबित कर दिया गया है.

महाराष्ट्रन के कोटगुल से लगे गोंडरी पहाडी से निकलने वाली शिवनाथ नदी राजनांदगांव के वनांचल से होते हुए राजनांदगांव शहर और फिर दुर्ग की ओर जाती है. इस पुल और इस पर एप्रोच रोड का निर्माण रायपुर की मल्लिकार्जुन कंस्ट्र क्शीन कंपनी ने किया था और इसके निर्माण के बाद से कांग्रेस ने इसमें गडबडी की शिकायत की थी लेकिन उस वक्त् सब शिकायतों को अनसुना कर दिया गया था और अब जब पुल का एप्रोच रोड बह गया है, मौके पर पहुंचे सांसद श्री मधुसूदन यादव का कहना है कि बारिश के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है, लेकिन इसकी जांच कराई जाएगी और इसमें दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी.

बहरहाल, मोहारा में साल भर पहले ही बने उच्चईस्तकरीय पुल और इसके एप्रोच रोड के साल भर के भीतर ही इस तरह बह जाने से इसके निर्माण में भ्रष्टाहचार होने की शिकायत को बल मिलने लगा है. इस मामले में दो अफसरों ब्रिज निगम के एसडीओ एनबी सिंह और सिंचाई विभाग के एनीकट के प्रभारी एसडीओ जीपी राठौर को निलंबित कर दिया गया है लेकिन पुल और एप्रोच रोड का निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ क्याज कार्रवाई की जाएगी इसे लेकिन कोई कुछ नहीं कह रहा है. दूसरी ओर मुख्यलमंत्री ने इस पुल की मरम्म त के लिए ढाई करोड रूपए की अतिरिक्तु राशि स्वी कृत कर दी है.

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