चिटफंड कंपनियों पर होगी कार्रवाई

रायपुर | छत्तीसगढ़ संवाददाता: चिटफंड कंपनियों पर छत्तीसगढ़ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी. प्रदेश में चिटफंड कंपनियों ने करीब सवा अरब रूपए की धोखाधड़ी की है. सैंतीस सौ से अधिक लोग धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं. इस पूरे मामले में 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विधानसभा में बुधवार को इस धोखाधड़ी पर चिंता जाहिर की गई. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी को रोकने के लिए जिला स्तर पर गठित सेल को और मजबूत बनाया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई की जाएगी.

प्रश्नकाल में कांग्रेस सदस्य मोतीलाल देवांगन ने यह मामला उठाया. उनके सवाल के जवाब में गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने बताया कि 96 प्रकरणों में चिटफंड कंपनियों द्वारा कुल 3717 लोगों को धोखा दिया गया और उनसे करीब एक अरब 24 करोड़ से ज्यादा की राशि हड़पी गई है. उन्होंने कहा कि 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 74 प्रकरणों में चालान न्यायालय में पेश किया गया है. श्री पैकरा ने बताया कि 16 प्रकरण विवेचना में लंबित हैं. 7 प्रकरणों में साक्ष्य के अभाव में खात्मा भेजा गया है.


श्री देवांगन ने पूछा कि प्रदेश में कितनी चिटफंड कंपनियां काम कर रही है और इनमें से कितनी कंपनियों के पास बैकिंग लाइसेंस हैं? इसके जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 16 चिटफंड कंपनियां चल रही हैं. कांग्रेस सदस्य ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले में ही कई कंपनियां लोगों को ठग रही है. इन कंपनियों के पास लाइसेंस भी नहीं है. इसके जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस लगातार कंपनियों की जांच कर रही है. छापेमारी की कार्रवाई भी की गई है. उन्होंने कहा कि विशेष सेल गठित किया गया है. लोगों को इससे दूर रहने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं. आदिवासी क्षेत्रों में इससे बचने के लिए जागरूकता लाने की जरूरत है.

श्री देवांगन ने कहा कि चिटफंड कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति ने चुनाव भी लड़ा था, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? इसके जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि जहां भी इस तरह के मामले सामने आए हैं, उस पर कार्रवाई की गई है. कांग्रेस सदस्य भूपेश बघेल ने पूछा कि चिटफंड कंपनियों के कितने डायरेक्टर पकड़े गए हैं? इसके जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि इस मामले में जितने भी नाम आ रहे हैं वे सब पकड़े जाएंगे. नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने पूछा कि प्रदेश के लोगों से करीब सवा अरब रूपए ठग लिए गए हैं, काम शुरू करने से पहले कितनी कंपनियों को रोका गया? सदन में मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस मामले में हम सबकी चिंता है. विभाग ने कार्रवाई की है. जहां औद्योगिकीकरण हुआ है, वहां कंपनियां ज्यादा सक्रिय हैं.

डॉ. सिंह ने कहा कि जमीन अधिग्रहण पर किसानों को मुआवजा मिलता है, उनके पास पैसा होता है. लिहाजा, चिटफंड कंपनियां सक्रिय हो जाती हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला स्तर पर चिटफंड कंपनियों की जांच के लिए सेल को और मजबूत बनाया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई की जाएगी.

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