3000 स्कूल बंद किये जा रहे: जोगी

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा राज्य में 3000 स्कूल बंद किये जा रहें हैं. अजीत जोगी ने कहा बंद होने वाले ज्यादातर स्कूल आदिवासी तथा पिछड़े इलाकों के हैं. उन्होंने रमन सरकार पर गरीब विरोधी होने का भी आरोप लगाया. अजीत जोगी ने शनिवार को कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी राज्य में नए स्कूल खोलने के बजाय लगभग 3000 शालाओं को राज्य सरकार ने बंद करने के आदेश दिए हैं. साथ ही मॉडल स्कूलों को भी बंद करने का आदेश पारित हो रहा है. यह रमन सिंह सरकार का गरीब विरोधी फैसला है.

आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि 3000 स्कूलों के बंद होने पर 15000 से अधिक बच्चों और वहां कार्यरत स्टाफ को अन्य स्कूलों में लगाया जाएगा. बंद होने वाले स्कूलों में 2000 से अधिक प्राथमिक शालाएं, 550 मिडिल स्कूल और 63 हाईस्कूल शामिल हैं.


जोगी ने सवाल किया कि क्या रमन सिंह यह अपेक्षा करते हैं कि गांवों में रहने वाले बच्चे पैदल चलकर चार-पांच किलोमीटर दूर जाकर किसी अन्य गांव में पढ़ाई कर पाएंगे?

उन्होंने कहा कि अपने इस निर्णय से छत्तीसगढ़ शासन ने आने वाली पीढ़ियों को अशिक्षित बने रहने का पुख्ता इंतजाम हमेशा के लिए कर दिया है. यह भी अत्यंत दुखद स्थिति है कि बंद होने वाले स्कूलों में ज्यादातर वे स्कूल हैं जो आदिवासी और अत्यंत पिछड़े इलाकों में चालू किए गए थे.

जोगी ने कहा, “जहां एक ओर कबीरधाम जैसे अविकसित जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में कुल 174 स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वहीं अपेक्षाकृत विकसित जिले राजनांदगांव में केवल नौ मिडिल स्कूल बंद किए जा रहे हैं. इसका अर्थ यह हुआ कि जो अधिक गरीब, अधिक अविकसित, अधिक अशिक्षित और अधिक शोषित है, उसे और उसकी आने वाली पीढ़ियों को हमेशा के लिए अशिक्षा के अंधेरे में ढकेला जा रहा है.”

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है और प्रदेश की जनता से अनुरोध किया है कि वे भी इसका पुरजोर विरोध करें.

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