कवर्धा में 6 माह में 33 बैगाओं की मौत

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिलें में पिछले छः माह में ही 33 बैगाओं की मौत बीमारी से हो गई है. इसमें सबसे ज्यादा 9 बैगाओं की मौत बुखार के कारण हुई है. जबकि 4 बैगाओं की मौत कैंसर, आत्महत्या, विषधारी जंतु के काटने तथा अज्ञात कारणों से हुई है. इसके अलावा 1-1 बैगा की मौत टीबी तथा मलेरिया से हुई. ताज्जुब की बात है राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित होने के बावजूद इनमें से 3 बैगाओं की मौत कुपोषण, कम वजन एवं कमजोरी तथा खून की कमी से हुई है.

जाहिर है कि कुपोषण, खून की कमी तथा कमजोरी से हुई तीनों मौतों के पीछे मुख्य कारण कुपोषण ही है. इसके अलावा 2 बैगाओं की मौत पेट दर्द तथा 1 बैगा की मौत उल्टी से हुई. पीलिया के कारण भी 1 बैगा की मौत हुई है.

इऩ 33 बैगाओँ में से 1 की ही मौत लंबी बीमारी के कारण हुई है.

देश के 74 आदिम जनजातियों में शामिल बैगाओं की जनसंख्या 42,838 रह गई है. यह बैगा मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, कोरबा, सरगुजा तथा कबीरधाम जिलों में रहते हैं.

केन्द्र सरकार के द्वारा बैगा जनजाति को संरक्षित घोषित किया गया है तथा इनके परिवार नियोजन कराने पर भी रोक लगी हुई है.

ऐसे में इन संरक्षित बैगाओं का राज्य के एक ही जिले में इतनी बड़ी संख्या में बुखार, उल्टी-दस्त तथा कुपोषण से मर जाना इस बात का संकेत है कि उन्हें छत्तीसगढ़ में संरक्षित करने के लिये कोई गंभीर कोशिश नहीं की गई है.

बैगाओं को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के सरकारी दावों की असलियत इसी से जाहिर हो जाती है कि देश के तेजी से विकास कर रहे राज्य छत्तीसगढ़ में बैगा कुपोषण, बुखार, टीबी तथा कुत्ता काटने से मर जाते हैं.

गौरतलब है कि पिछले छः माह में 33 बैगाओं की मौत का सरकारी आकड़ा केवल कवर्धा जिला का ही है.

खेती तथा जंगल ही इन बैगाओं के आजीविका के साधन हैं. लाख दावों के बावजूद इनमें साक्षरता महज 20 फीसदी ही है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पिछले छः माह में मरने वाले बैगाओं के मृत्यु का कारण निम्न है-

बुखार से 8 बैगाओं की मौत. हल्के बुखार से 1 बैगा की मौत.
बुखार तथा पीलिया से 1 बैगा की मौत.
कुत्ता काटने से 1, विषधारी जंतु के काटने से 1 मौत.
कुपोषण से 1 मौत.
खून की कमी से 1 मौत.
टीबी से 1 मौत.
अज्ञात बीमारी से 1 मौत.
आत्महत्या से 1 मौत.
कैंसर से 1 मौत
उल्टी से 2 मौत.
खून की उल्टी से 2 मौत.
कन्वलसन (झटका)से 1 मौत.
कम वजन व कमजोरी से 1 मौत.
लंबी बीमारी से 1 मौत.
इलाज के लिये मप्र गये की मौत 1.
पेट दर्द से 2 की मौत.
पेटदर्द-उल्टी से 1 की मौत.
मलेरिया से 1 मौत.
उल्टी+श्वसन नली में अवरोध से 1 मौत.
नाक से खून निकलना लसे 1 मौत.
गले में दर्द से 1 मौत.

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