नकली नोट चलाने वाले 5 गिरफ्तार

महासमुंद | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नकली नोट खपाने वालों का गिरोह इन दिनों सक्रिय है. इस गिरोह में युवाओं की टोली शामिल है. छत्तीसगढ़ पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने ऐसे ही पांच युवकों को गिरफ्तार किया है. इन युवकों के पास से एक-एक हजार के 69 और 500 के 20 नोट के साथ लगभग 79 हजार रुपये के नकली नोट जब्त किए गए.

छत्तीसगढ़ पुलिस के मुताबिक, ये नकली नोट रायपुर जिले के वीरगांव निवासी डॉ. विजय वर्मा ने अपने घर में तैयार किए थे. डॉ. वर्मा नकली नोट के एक अन्य प्रकरण में पहले से ही ओड़िशा की नुआपाड़ा जेल में बंद है. उसने ये नकली नोट रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर निवासी डेविड वाल्टर उर्फ लिंकेन को बाजार में चलाने के लिए दिए थे. डेविड ने इन नोटों को बाजार में चलाने के लिए लगभग छह माह पूर्व युवाओं का एक गिरोह तैयार कर किया था.

नकली नोट का मास्टर माइंड डॉ. वर्मा की गिरफ्तारी के बाद इस गैंग की गतिविधियां शांत थीं. मगर दिवाली का मौका देख गिरोह के कुछ युवकों ने नकली नोट बाजार में खपाने का प्रयास किया, मगर धरा गया.

पकड़े गए पांच आरोपियों में राजू उर्फ राजकुमार, जग्गा उर्फ जागेश्वर रात्रे, कमलेश, मोतीलाल कोसले और डेविड वाल्टर उर्फ लिंकेन शामिल हैं.

छत्तीसगढ़ के महासमुंद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा ने मीडिया को बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग बाजारों में असली नोटों के साथ नकली नोट मिलाकर चला रहे हैं. पुलिस ने ऐसे लोगों की तलाश शुरू की.

उन्होंने बताया कि शनिवार को पुलिस अधीक्षक दीपक झा को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक भोरिंग चौक के पास नकली नोट खपाने की कोशिश में लगे हुए हैं. इस सूचना के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने घेराबंदी कर पहले दो युवकों राजू उर्फ राजकुमार और कमलेश को पकड़ा और उनसे पूछताछ के बाद उनके बताए ठिकानों पर दबिश देकर अन्य तीन युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया.

एडिशनल एसपी ने बताया कि सभी आरोपियों के पास से नकली नोट बरामद किए गए हैं. छत्तीसगढ़ पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. सभी पांच आरोपियों को धारा 489 व 34 के तहत गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है.

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