बिलासपुर में बनेगा 3-सी एयरपोर्ट

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की चकरभाटा हवाई पट्टी को भारतीय विमानतल प्राधिकरण और थल सेना के माध्यम से प्रथम चरण में 3-सी एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें 70 से 80 सीटों वाले विमानों का आवागमन हो सकेगा. इसके द्वितीय चरण में इस हवाई पट्टी को 4-डी एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है. इससे यहां 320 सीटों वाले एयर बसों का आवागमन हो सकेगा. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज विधानसभा में इस आशय की घोषणा की.

रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में विमान सेवाओं के विकास और विस्तार के लिए कार्य योजना बनाकर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. राजधानी रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानन्द विमानतल के विस्तार के लिए भारतीय विमानतल प्राधिकरण को राज्य शासन द्वारा 400 एकड़ भूमि उपलब्ध करायी जा रही है, ताकि वर्तमान साढ़े सात हजार फीट के रन-वे बढ़ाकर दस हजार फीट किया जा सके और वहां 400 सीटों वाले बोईंग 747 विमानों का भी आवागमन हो सके. राज्य सरकार ने केन्द्र से इस विमानतल को अंतर्राष्ट्रीय विमानतल घोषित करने का भी अनुरोध किया है, जहां नया टर्मिनल भवन अंतर्राष्ट्रीय विमानतलों के मापदण्ड के अनुसार बनाया गया है.

जगदलपुर, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और जशपुर में हवाई पट्टियां हैं, लेकिन वहां नागरिक विमानन के महानिदेशालय के मापदण्डों के अनुसार अधोसंरचना नहीं होने के कारण विमान सेवाएं अब तक शुरू नहीं की जा सकी हैं. इस दिशा में राज्य सरकार के विमानन विभाग द्वारा इन हवाई पट्टियों के चरणबध्द विकास के लिए कार्य योजना तैयार की गई है. इसी तरह जिला मुख्यालय रायगढ़ स्थित कोड़ातराई हवाई पट्टी को राज्य सरकार और भारतीय विमानतल प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से विकसित करने की योजना है. इसके अंतर्गत वहां भी प्रथम चरण में 3-सी और द्वितीय चरण में 4-डी श्रेणी के एयरपोर्ट बनाए जा सकेंगे.

सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर की दरिमा हवाई पट्टी को 2-सी श्रेणी के विमानतल के रूप में 40 से 50 सीटों वाले विमानों के लिए विकसित करने की योजना है. इसके लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2013-14 में तीन करोड़ 71 लाख रूपए मंजूर किए जाएंगे. इन सभी हवाई पट्टियों के एयरपोर्ट के रूप में विकसित होने पर वहां नियमित हवाई सेवा शुरू की जा सकेगी. जिला मुख्यालय बीजापुर, दंतेवाड़ा और बलरामपुर में भी हवाई पट्टियों की स्वीकृति दी जा चुकी है.


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