छत्तीसगढ़: विधानसभा सत्र बुलाने की मांग

रायपुर | संवाददाता: कांग्रेस के अमित जोगी ने राज्यपाल से छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. उन्होंने छत्तीसगढ़ में बाहरी राज्यों से शिक्षकओं को बुलाने के सरकार के निर्णय पर चर्चा के लिये विधानसभा सत्र बुलाने की मांग राज्यपाल से की है. अमित जोगी ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कहा है, “छत्तीसगढ़ में सरकार की आउटसोर्सिंग नीति के विरुद्ध लोगों में रोष व्याप्त है. सरकार के निर्णयों में ऐसे कई बिंदु हैं जो विरोधाभासी हैं. भारत के संविधान ने जहाँ राज्य की चुनी हुई सरकार के पास किसी भी विषय पर निर्णय लेने का संवैधानिक अधिकार दिया है, वहीँ विपक्ष को भी सशक्त बनाया है ताकि सरकार कोई मनमानी न कर सके. अगर सरकार द्वारा लिए गए किसी अन्यायपूर्ण निर्णय का दुष्प्रभाव राज्य के एक बड़े वर्ग यानी युवाओं में अराजकता फैला रहा है तो संविधान के अंतर्गत उस पर चर्चा कर उसे रोक जा सकता है या सुधारा जा सकता है. कृपया उपरोक्त सारे बिंदुओं पर गौर करने की कृपा करें.”

अमित जोगी ने अन्य राज्यों से शिक्षकों की आउटसोर्सिंग का विरोध करते हुये तर्क दिया है कि ” प्रदेश में लाखों शिक्षित बेरोजगार युवा सड़कों पर मारे-मारे फिर रहे हैं, हज़ारों की संख्या में हर साल निकलने वाले इंजीनियर्स एवं विज्ञान एवं अंग्रेजी में स्नातक हुए नौजवान बेरोजगारी और हताशा की मार झेल रहे हैं. प्रदेश के बाहर से शिक्षक लाने की बजाय, सरकार हाईस्कूल में गणित पढ़ाने क्यों स्थानीय बेरोजगार इंजीनियर्स को मौका नहीं देती? जब राज्य सरकार बाहर से बेरोजगारों को रोजगार देने आउटसोर्सिंग का नियम बना सकती है तो शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 23 उपधारा (2) के अंतर्गत बी.एड. की अनिवार्यता के नियम को शिथिल कर प्रदेश के इंजीनियर्स, एम.एस.सी एवं बी.एस.सी ग्रेजुएट्स को हाईस्कूल के विषयों को पढ़ाने की अनुमति देने का नियम क्यों नहीं बना सकती?”


कांग्रेस के नेता अमित जोगी ने आउटसोर्सिंग के खिलाफ विधेयक लाने के लिये तर्क दिया है, “छत्तीसगढ़ के शिक्षित युवाओं के साथ तभी न्याय होगा जब हमारा विधान उनके हितों की रक्षा करेगा. और यह तभी संभव है जब आउटसोर्सिंग जैसी जन विरोधी नीतियों को रोकने प्रदेश में नौकरी करने छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय भाषाओं के ज्ञान की अनिवार्यता का विधेयक लाया जाए. इससे पहले की सरकार निजी एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्सिंग नीति की प्रक्रिया पूर्णतः क्रियान्वित कर दे, मेरा आपसे अनुरोध है कि विधानसभा का आपात सत्र बुलाने सरकार को निर्देशित करें ताकि छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय भाषाओं का ज्ञान की अनिवार्यता का विधेयक तुरंत लाया जा सके एवं इसके प्रावधानों से छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा की जा सके.”

उल्लेखनीय है कि अमित जोगी के नेतृत्व में प्रदेश में युवा कांग्रेसी आउटसोर्सिंग का विरोध कर रहें हैं.

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