छत्तीसगढ़: वेदांत प्रमुख का विरोध

कोरबा | अब्दुल असलम: वेदांत समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को कोरबा में कांग्रेसियों ने काला झंडा दिखाया. अनिल अग्रवाल बाल्को के अधिग्रहण के 15 साल बाद वहां पहुंचे थे. मंगलवार को अनिल अग्रवाल बाल्को के रुगमरा एयर स्ट्रीप पर पहुंचे थे. दिन भऱ के दौरे के बाद जब शाम को अनिल अग्रवाल वापस रुगमरा पहुंचे तो वहां पर कांग्रेसियों ने उन्हें काला झंडा दिखाया.

अनिल अग्रवाल के दौरे के समय मीडिया को उनसे दूर रखा गया था. प्रदर्शनकारी ‘अनिल अग्रवाल गो बैक’ का नारा लगा रहे थे. उनकी पुलिस के साथ झूमाझपटी भी हुई.

बताया जा रहा है कि अनिल अग्रवाल ने कुछ यूनियन के नेताओँ से भी मुलाकात की.

कांग्रेस ने किया विरोध
उधर पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा कांग्रेस नेता चरणदास महंत ने कहा कि बालको विनिवेश के 15 वर्ष बाद वेदांत समूह चेयरमेन अनिल अग्रवाल का कोरबा दौरा दुखद है. चेयरमेन बालको चिमनी हादसा के समय नहीं आये और न ही जब श्रमिकों को काम से निकाला जा रहा था तब आये. कांग्रेस पार्टी अनिल अग्रवाल को काला झंडा दिखाएगी. वेदांत समूह ने पुराने संयंत्रों को बंद कर नये संयंत्रों को स्थापित किया है. जिससे हजारों मजदूर बेरोजगार हुए है. अपने आप को दानवीर साबित करने वाले अनिल अग्रवाल के सभी दावे झूठे है.

उक्ताशय की बातें पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. चरणदास महंत ने आज प्रेसवार्ता आयोजित कर कही. उन्होंने कहा कि वेदांत समूह ने श्रमिकों का शोषण किया है. बालको श्रमिक हित नहीं बल्कि भाजपा के संयंत्र के रूप में काम कर रहा है. बालको ने सरकारी जमीन को कौड़ियों के दाम खरीद लिया है. बालको अपनी मनमौजी कर रहा है.

वेदांत समूह के चेयरमेन ने किया संयंत्र का दौरा
भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड बालको के 51 फीसदी शेयर वेदांत समूह ने डेढ़ दशक पहले खरीद लिया था. विनिवेशीकरण के बाद इस संयंत्र का दौरा करने पहली बार वेदांत समूह के चेयरमेन अनिल अग्रवाल आज बालको पहुंचे. रूमगरा एयरस्ट्रीप पर बालको सीईओ रमेश नायर व अन्य अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. चेयरमेन अनिल अग्रवाल ने संयंत्र का दौरा करने के साथ अधिकारियों की आवश्यक बैठक ली. इसके अलावा कंपनी की उपलब्धियों से भी अवगत हुए. भविष्य में कंपनी के सामने उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को लेकर भी चेयरमेन अग्रवाल ने जानकारी ली.

उन्होंने बालको के विभिन्न इकाईयों का बारी-बारी मुआयना किया.च उत्पादन को लेकर अब तक की प्रगति और भविष्य के लिए दिखाई दे रही संभावनाओं के बारे में अधिकारियों व अभियंताओं से चर्चा की. बैठक में श्री अग्रवाल ने समस्याओं का मुकाबला बेहतर ढंग से करने पर जोर दिया. उन्होंने बालको संयंत्र को कई मामलों में सबसे अहम बताया. क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर बालको की भूमिका के बारे में भी अधिकारियों को जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश या इससे बाहर लगने वाली औद्योगिक परियोजनाएं केवल वेदांत समूह के लिए महत्वपूर्ण नहीं होती बल्कि विशाल जन समुदाय का संरक्षण व पोषण होता है. बालको ऐसे सभी क्षेत्रो में विकास की नई उम्मीदें पैदा कर रहा है.

वेदांता चेयरमेन का सीटू और एक्टू यूनियन ने किया बायकाट
बालको के श्रमिक संगठन भारत एल्यूमिनियम एम्पलाईज यूनियन (सीटू) ने वेदान्ता चेयरमेन अनिल अग्रवाल का बालको आगमन पर बायकाट कर दिया. सीटू की ओर से अनिल अग्रवाल के नाम पर एक खुला पत्र भी जारी किया गया जिसमें प्रबंधन पर श्रमिक और विकास विरोधी कार्य करने का आरोप लगाया गया है. एक श्रमिक संगठन एक्टू ने भी वेदान्ता चेयरमेन का स्वागत करने से इनकार कर दिया और उनकी बैठक से बाहर रहा.

सीटू के महामंत्री एस. एन. बेनर्जी ने बताया कि सीटू ने अपने पत्र में कहा है कि भारत एल्यूमिनियम कंपनी लि. के विनीवेशीकरण के समय आपके द्वारा बालको कंपनी के विकास का आश्वासन किया गया था. विनीवेशीकरण के बाद बालको प्रबंधन ने बालको कंपनी का विस्तार किया. पावर प्लांट लगाया गया. विदेशों से एलुमिना पाउडर लाकर एल्युमिनियम धातु का उत्पादन बढ़ाया गया. बालको के मूल प्लांट जिसे आज प्लांट नं. 1 कहा जाता है, की एक-एक कर सभी इकाई को बंद किया गया जिसमे प्रोफाईल एण्ड ट्यूब शॉप, एल्युमिना संयंत्र, बी. सी. पी. पी. प्रमुख है.

इन सभी संयंत्रों में हजारों कर्मचारी कार्यरत थे. इन कर्मचारियों का काम संयंत्र बंद करने के कारण प्रभावित हुआ. वर्तमान में बालको प्रबंधन बालको कर्मचारियों को बालको कंपनी में काम करने देना नहीं चाहता है. बार-बार वीआरएस लाकर दबाव देकर नौकरी छोड़ने को बाध्य कर रहा है. सैकड़ों ठेका श्रमिकों को काम से अवैधानिक तरीके से अलग किया जा रहा है.

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