चावल आयात पर प्रतिबंध

रायपुर | संवाददाता: राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में आगामी आदेश तक अन्य राज्यों से चावल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि समर्थन मूल्य पर अब तक खरीदे गए धान का त्वरित गति से निराकरण किया जा सके. आगामी आदेश तक छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से चावल का आयात केवल कलेक्टर की पूर्व अनुमति से किया जा सकेगा, जबकि तीन हजार रूपए प्रति क्विंटल से अधिक लागत वाले सुरर फाइन किस्म के चावल के आयात के लिए कलेक्टर की अनुमति लेना जरूरी नहीं होगा, लेकिन आयात करने वालों को इसके लिए आयात करने के कम से कम एक सप्ताह पहले संबंधित जिला खाद्य नियंत्रक अथवा खाद्य अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य होगा.

जिला कलेक्टरों को परिपत्र के रूप में जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य में कल 30 जनवरी तक सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर 70 लाख 04 हजार मीटरिक टन धान की आवक हो चुकी है. इसके विरूद्ध राईस मिलरों द्वारा 28 लाख 31 हजार मीटरिक टन धान का उठाव किया गया है और नौ लाख 22 हजार मीटरिक टन चावल कस्टम मिलिंग में जमा किया गया है.

वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान में से सरप्लस धान का आफर के माध्यम से निराकरण करने का निर्णय लिया गया है. बाहरी राज्यों से मिलरों, ब्यौहारी द्वारा चावल आयात किए जाने से इस सरप्लस धान के निराकरण में अनेक प्रकार की कठिनाईयां आने और धान के निराकरण में विलंब होने की स्थिति निर्मित होगी. इसलिए इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपार्जित धान के त्वरित निराकरण की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है कि आगामी आदेश तक छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से चावल का आयात कलेक्टर की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा.

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