बीजापुर में रेडक्रास पर रोक

बीजापुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में रेडक्रास को काम करने से रोक दिया गया है. इस नक्सल प्रभावित जिले के कलेक्टर ने इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रास को बीजापुर में अपना सारा काम-धाम स्थगित करने का आदेश दिया है. इससे पहले रेडक्रास को जिला प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था.

गौरतलब है कि माओवाद प्रभावित छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में पहले भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को रोका गया है. मेडीसिन संस फ्रंटियर यानी डॉक्टर विदाउट बार्डर और इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रास पर 2011 में भी दंतेवाड़ा के तत्कालीन एसपी एसआरपी कल्लूरी ने माओवादियों के इलाज का आरोप लगाया था. उस समय इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रास कुटरु में एक कैंप चला रही थी. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दोनों संस्थायें डॉक्टर विदाउट बार्डर और इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रास को नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

माना जाता है कि ये संस्थाएं मुठभेड़ में घायल नक्सलियों और बीमार नक्सलियों का इलाज करती हैं. इसके अलावा भी इन अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं पर नक्सलियों को मदद पहुंचाने का संदेह है.

हालांकि ताजा घटनाक्रम को लेकर बीजापुर के कलेक्टर मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ का कहना है कि बीजापुर में रेडक्रास को इसलिये काम करने से रोका गया है क्योंकि इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रास और सरकार के बीच एमओयू के मुद्दे पर कुछ कूटनीतिक मामले आड़े आ रहे थे.

दूसरी ओर इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रास के प्रवक्ता मारेक रेसिच ने कहा है कि उन्होंने बीजापुर में सरकारी नोटिस मिलने के बाद अपना काम काज रोक दिया है. रेडक्रास इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ संपर्क में है.


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